रांची से झरिया और देवघर तक गांधीजी के कदम, झारखंड में आज भी जिंदा हैं बापू की यादें
रांची राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का झारखंड से गहरा और ऐतिहासिक नाता रहा है, जिन्होंने अपनी विभिन्न यात्राओं के दौरान इस क्षेत्र में चंपारण सत्याग्रह की रणनीति से लेकर रामगढ़ कांग्रेस अधिवेशन तक अहम भूमिका निभाई। कोयला खदानों से लेकर दलित उत्थान तक, बापू के कदम झारखंड की माटी पर अमिट छाप छोड़ गए। आइए जानते…
