महराजगंज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब आपका वोट सही जगह पड़ता है, तब विकास, सुरक्षा, रोजगार और सुशासन सुनिश्चित होता है, लेकिन एक गलत वोट जातिवाद, क्षेत्रवाद, परिवारवाद, माफियावाद, अराजकता और गरीबों की जमीनों पर कब्जे जैसी दुष्प्रवृत्तियों को जन्म देता है। डबल इंजन सरकार ने इन प्रवृत्तियों पर प्रभावी रोक लगाकर प्रदेश में सुशासन और विकास का नया वातावरण तैयार किया है। महराजगंज समेत पूरे पूर्वांचल को माफिया, दंगा व भय के माहौल से बाहर निकालकर विकास, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, मजबूत सड़क नेटवर्क, सिंचाई, रोजगार और सुरक्षा से जोड़ा है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को महराजगंज में ₹208 करोड़ से अधिक की 79 परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत उपस्थित जन-समूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र एवं टूलकिट भी वितरित किए।
पहले जनता के करोड़ों रुपये कब्रिस्तानों की बाउंड्री वॉल पर खर्च होते थे
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा व सहयोगी दलों के विधायक बनने के बाद विधानसभा क्षेत्रों में मंदिरों के सौंदर्यीकरण और जनसुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी गई। पहले जनता के करोड़ों रुपये कब्रिस्तानों की बाउंड्री वॉल पर खर्च होते थे, जबकि अब वही धन मंदिरों में बेहतर सुविधाएं विकसित करने और आम जनता के हित में लगाया जा रहा है। महराजगंज में दिख रहा विकास सही सांसद और विधायक चुनने का परिणाम है। बनेलिया माई के नाम पर रोहिन नदी पर बैराज का निर्माण हो या गोरखपुर से सोनौली तक फोरलेन मार्ग का कायाकल्प, ये सब जनता के एक सही वोट की ताकत से संभव हुआ है।
डबल इंजन सरकार ने बदली महराजगंज की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले महराजगंज इंसेफेलाइटिस, बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं, अराजकता, माफियावाद और पलायन की त्रासदी झेल रहा था। दिमागी बुखार मासूम बच्चों की जान ले रहा था, सड़कें गड्ढों में तब्दील थीं, बिजली व्यवस्था चरमराई हुई थी, गरीबों की जमीनों पर कब्जे आम थे और किसान, नौजवान व बेटियां खुद को असुरक्षित महसूस करते थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार बनने के बाद महराजगंज की तस्वीर बदल गई। इंसेफेलाइटिस पर प्रभावी नियंत्रण हुआ, मेडिकल कॉलेज संचालित हुआ, नौतनवा, फरेंदा, चौक, सिसवा, श्यामदेउरवा, घुघली और पनियरा बेहतर सड़क नेटवर्क से जुड़ गए तथा गोरखपुर-सोनौली फोरलेन बनने से यात्रा समय दो घंटे से घटकर 45-50 मिनट रह जाएगा। गोरखपुर के नए बाईपास, ठूठीबारी से जिला मुख्यालय तक मजबूत सड़क नेटवर्क, पुलों के निर्माण और रोहिन नदी पर बने बनेलिया माई बैराज से क्षेत्र में कनेक्टिविटी और सिंचाई दोनों को नई ताकत मिली है। वनटांगिया गांवों को पट्टा, मतदाता पहचान और सरकारी योजनाओं से जोड़कर सम्मानजनक जीवन देने का काम भी डबल इंजन सरकार ने किया है।
बीमारी ही नहीं, ‘बीमारू’ टैग भी खत्म हो गया
मुख्यमंत्री ने कहा कि महराजगंज अब शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जिले में मेडिकल कॉलेज, आईटीआई, पॉलीटेक्निक और अन्य शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना हो चुकी है, जबकि स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के लिए नए उद्योगों और बंद चीनी मिलों को नई कार्ययोजना के साथ पुनः शुरू करने की तैयारी है। महराजगंज, कुशीनगर और सिद्धार्थनगर से इंसेफेलाइटिस जैसी घातक बीमारी पूरी तरह समाप्त हो चुकी है और केवल बीमारी ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश का ‘बीमारू’ टैग भी हट गया है। उत्तर प्रदेश देश के विकास इंजन के रूप में उभर रहा है, जिसे आगे बढ़ने से अब कोई नहीं रोक सकता।
प्रदेश में माफिया का आतंक समाप्त
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने गरीबों की पीड़ा को कभी नहीं समझा, जबकि डबल इंजन सरकार हर जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचाकर उनके जीवन में बदलाव ला रही है। वनटांगिया गांवों में भी राजस्व गांवों जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। हर गरीब को आवास, हर घर को शौचालय, राशन और आयुष्मान भारत के तहत स्वास्थ्य सुरक्षा मिल रही है, जबकि गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिले हैं। महराजगंज के सैकड़ों नौजवान उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती हुए हैं और किसान सिंचाई, बीज, ट्रैक्टर, उन्नत खेती तथा सरकारी क्रय केंद्रों का लाभ उठा रहे हैं। माफिया का आतंक समाप्त हो चुका है, गरीबों की जमीनों पर कब्जा नहीं हो सकता, बेटियां सुरक्षित हैं और किसी में भी गोहत्या या जबरन अत्याचार करने का दुस्साहस नहीं बचा है।
राममंदिर और काशी विश्वनाथ धाम में बाधक बनी थीं सपा, कांग्रेस
मुख्यमंत्री ने कहा कि सदियों के संघर्ष के बाद अयोध्या में भव्य राममंदिर निर्माण हुआ है। महराजगंज के हजारों नौजवान, महिलाएं, किसान, व्यापारी और बुजुर्ग भी राममंदिर आंदोलन में सक्रिय रूप से जुड़े रहे। 492 वर्ष बाद मंदिर का शिलान्यास हुआ और 496 वर्ष बाद प्रधानमंत्री के कर-कमलों से अयोध्या में रामलला विराजमान हुए। दुनिया का सबसे भव्य राममंदिर अयोध्या में बना है और अखंड रामायण पाठ के बीच ऐसा प्रतीत होता है मानो स्वयं भगवान राम और हनुमान जी आशीर्वाद दे रहे हों। डबल इंजन सरकार में भव्य राममंदिर और काशी विश्वनाथ धाम जैसे ऐतिहासिक कार्य संभव हुए, जबकि सपा और कांग्रेस जैसी पार्टियां इन कार्यों में हमेशा बाधा बनती रहीं। इसी बाधा को पश्चिम बंगाल की जनता ने भी हमेशा के लिए उखाड़ फेंका है। इसलिए आप सबसे यही आग्रह करने आया हूं कि इन जनप्रतिनिधियों के साथ मजबूती से खड़े रहिए।
सीमावर्ती क्षेत्र विकास की दौड़ में कभी पीछे न रहे
भारत-नेपाल की साझा सांस्कृतिक विरासत और सीमावर्ती क्षेत्र की संवेदनशीलता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नौतनवा, फरेंदा और सोनौली जैसे क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि यहां का नागरिक कभी खुद को पिछड़ा महसूस न करे। भारत और नेपाल सिर्फ दो पड़ोसी देश नहीं, बल्कि साझा संस्कृति, आस्था और रोटी-बेटी के अटूट रिश्ते से जुड़े मित्र राष्ट्र हैं। बौद्ध परिपथ और अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े महराजगंज, नौतनवा और फरेंदा का विकास केवल सुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा और सामरिक दृष्टि से भी बेहद जरूरी है।
विपक्ष के नकारात्मक नैरेटिव से बचते हुए “नेशन फर्स्ट” के साथ रहे हर देशवासी
मुख्यमंत्री ने पश्चिम एशिया संकट का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह देश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कोरोना महामारी का सफलतापूर्वक मुकाबला किया था, उसी तरह पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न ईंधन और आवश्यक वस्तुओं की चुनौतियों का भी सामूहिक रूप से सामना करना होगा। अमेरिका-ईरान तनाव के कारण डीजल, पेट्रोल और एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे देश पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है, बावजूद इसके भारत सरकार कीमतों को नियंत्रित रखे हुए है। मुख्यमंत्री ने लोगों से प्रधानमंत्री की अपील का पालन करते हुए बिजली व ईंधन की बचत करने तथा छोटे-छोटे प्रयासों से देश को मजबूती देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नकारात्मक नैरेटिव से बचते हुए “नेशन फर्स्ट” की भावना के साथ हर नागरिक को देशहित में सरकार के साथ खड़ा होना चाहिए, क्योंकि बूंद-बूंद से ही बड़ा परिवर्तन संभव होता है।
मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की कि यूरिया की खपत कम करते हुए कंपोस्ट खाद का अधिक उपयोग करें तथा निराश्रित गो आश्रय स्थलों से तैयार जैविक खाद को बढ़ावा दें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि महराजगंज में उत्पादित खाद की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर जिले के किसानों को ही मिले और कालाबाजारी, जमाखोरी या अनैतिक गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त न किया जाए। उन्होंने सराफा कारोबारियों से विदेश से सोना मंगाने के बजाय पुराने आभूषणों की रिमॉडलिंग को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि छोटे-छोटे प्रयासों से न केवल व्यक्तिगत, बल्कि देश की आर्थिक बचत भी होगी और वैश्विक संकट से निपटने में भारत को मजबूती मिलेगी।
इस अवसर पर प्रभारी मंत्री महराजगंज डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु', विधायक ऋषि त्रिपाठी, ज्ञानेंद्र सिंह, जय मंगल कनौजिया, पूर्व विधायक बजरंग बहादुर सिंह, भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष संजय पांडे, पूर्व जिला महामंत्री प्रदीप सिंह, नगरपालिका नौतनवा के अध्यक्ष बृजेश मणि त्रिपाठी और ब्लॉक प्रमुख राकेश मद्धेशिया प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

