Headlines

98.04 प्रतिशत आवासों की ग्राउंडिंग हुई पूर्ण

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में हर जरूरतमंद परिवार को पक्का घर उपलब्ध कराने के संकल्प को साकार करते हुए मध्यप्रदेश ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के क्रियान्वयन में देशभर में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में 10 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिससे आवास निर्माण एवं हितग्राहियों को आवास उपलब्ध कराने में देश के अग्रणी राज्यों में मध्यप्रदेश ने अपनी मजबूत पहचान बनाई है।

नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आयुक्तसंकेत भोंडवे ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) अंतर्गत मध्यप्रदेश ने आवासों की ग्राउंडिंग में देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश में 98.04 प्रतिशत आवासों की ग्राउंडिंग पूर्ण हो चुकी है। यह प्रभावी क्रियान्वयन, सतत मॉनिटरिंग एवं समयबद्ध कार्यप्रणाली का परिणाम है। वहीं 9 लाख से अधिक आवार्सी का निर्माण पूर्ण कर पात्र हितग्राहियों को सौंपा जा चुका है। योजना के माध्यम से हजारों परिवारों का अपने पक्के घर का सपना साकार हुआ है, जिससे उनके जीवन स्तर, सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मान में सकारात्मक बदलाव आया है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) का उद्‌देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, निम्न आय वर्ग एवं मध्यम आय वर्ग के शहरी परिवारों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है। योजना अंतर्गत हितग्राहियों को आवास निर्माण हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे मूलभूत सुविधाओं से युक्त पक्के घर में जीवन यापन कर सकें।

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, सतत मॉनिटरिंग एवं समयबद्ध निर्माण कार्यों के चलते प्रदेश लगातार राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है।भोंडवे ने बताया कि नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रत्येक पात्र शहरी परिवार को आवास योजना का लाभ समय पर प्राप्त हो सके। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के माध्यम से प्रदेश में न केवल आवास निर्माण को गति मिली है, बल्कि शहरी क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास, रोजगार सृजन एवं सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिला है। राज्य शासन द्वारा भविष्य में भी योजना के प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन हेतु निरंतर प्रयास किए जाते रहेंगे।

 

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *