Headlines

कलावा किस हाथ में बांधना चाहिए? पुरुषों और महिलाओं के लिए जानें धार्मिक नियम

Kalawa Wearing Rules: हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के दौरान माथे पर तिलक लगाने के साथ कलाई पर कलावा बांधने की भी परंपरा है. इसे शुभता और रक्षा का प्रतीक माना जाता है. कलावा को मौली या रक्षासूत्र के नाम से भी जाना जाता है. घर में पूजा हो, हवन कराया जाए या किसी शुभ काम की शुरुआत करनी हो, कलावा बांधना धार्मिक रस्म का हिस्सा माना जाता है. मान्यता है कि इसे बांधने से व्यक्ति को नकारात्मकता और बुरी नजर से बचाने में मदद मिलती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कलावा हमेशा किसी भी हाथ में नहीं बांधना चाहिए? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पुरुषों और महिलाओं के लिए कलावा बांधने के अलग-अलग नियम बताए गए हैं. आइए जानते हैं कि किस हाथ में कलावा बांधना सही माना जाता है.

कलावा किस हाथ में बांधना चाहिए?
हिंदू धर्म में कलावा बांधने को लेकर कुछ खास मान्यताएं हैं. आमतौर पर पुरुषों और अविवाहित लड़कियों के दाएं हाथ में कलावा बांधा जाता है. वहीं, विवाहित महिलाओं के बाएं हाथ में कलावा बांधने की परंपरा है. इसके पीछे मान्यता है कि शादी के बाद पत्नी को पति की वामांगिनी कहा जाता है. इसका अर्थ है पति के बाएं अंग का हिस्सा होना. इसी वजह से विवाहित महिलाओं के लिए बाएं हाथ में कलावा बांधना शुभ माना जाता है.

कलावा कितनी बार लपेटना चाहिए?
कलावा बांधते समय इसे कलाई पर तीन, पांच या सात बार लपेटने की परंपरा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कलावा शुभता और रक्षा का प्रतीक माना जाता है. इसे ब्रह्मा, विष्णु और महेश यानी त्रिदेव से भी जोड़कर देखा जाता है.

कितने दिनों बाद उतारना चाहिए कलावा?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कलावा करीब 21 दिनों बाद उतारा जा सकता है. अगर यह पुराना हो जाए, रंग फीका पड़ जाए या अपने आप खुलने लगे, तो इसे पहले भी हटाया जा सकता है. मंगलवार या शनिवार को कलावा उतारना शुभ माना जाता है.

पुराना कलावा उतारने के बाद क्या करें?
पुराना कलावा उतारने के बाद उसे कहीं भी फेंकने से बचना चाहिए. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसे पूजा की सामग्री के साथ अलग रखकर बाद में उचित तरीके से विसर्जित कर सकते हैं. कुछ लोग पुराने कलावे को पीपल के पेड़ के नीचे भी रखते हैं. इसे उतारने के बाद नया कलावा बांधने की परंपरा भी है.

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *