पटना.
मुख्यमंत्री ने सोमवार को अचानक मोइनुल हक स्टेडियम के पास चल रहे सैदपुर भूमिगत नाला और सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण किया. उनके साथ जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद थे. मुख्यमंत्री ने प्रोजेक्ट की प्रगति देखते हुए अधिकारियों को दो टूक शब्दों में निर्देश दिया कि काम की गुणवत्ता से समझौता किए बिना निर्माण में तेजी लाई जाए ताकि समय सीमा के भीतर जनता को इसका लाभ मिल सके.
मोइनुल हक स्टेडियम इलाके में चल रहा काम
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री मोइनुल हक स्टेडियम के पास सैदपुर नाला से पहाड़ी तक बन रहे भूमिगत नाला और सड़क परियोजना का जायजा लेने पहुंचे. यह परियोजना राजधानी के जलजमाव की समस्या को कम करने के लिए अहम मानी जा रही है. मुख्यमंत्री के साथ जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे. अधिकारियों ने मौके पर प्रोजेक्ट की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और आगे की कार्ययोजना से अवगत कराया.
260 करोड़ की लागत से बन रहा प्रोजेक्ट
नगर विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत बुडको (BUIDCO) द्वारा संचालित यह प्रोजेक्ट पटना के बुनियादी ढांचे के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है. इस योजना की खासियत यह है कि इसमें सैदपुर नाले को पूरी तरह अंडरग्राउंड यानी भूमिगत किया जा रहा है और उसके ऊपर एक आधुनिक सड़क का निर्माण हो रहा है. इससे न केवल इलाके की गंदगी और बदबू खत्म होगी, बल्कि पहाड़ी इलाके तक जाने के लिए शहर को एक नया और चौड़ा रास्ता भी मिलेगा. अधिकारियों ने बताया कि परियोजना पूरी होने पर शहर के कई इलाकों में जलजमाव की समस्या में उल्लेखनीय सुधार होगा.
जलजमाव और जाम का परमानेंट समाधान
सैदपुर नाला प्रोजेक्ट के पूरा होते ही राजधानी के एक बड़े हिस्से को भीषण जलजमाव से मुक्ति मिल जाएगी. भूमिगत नाले के ऊपर बनने वाली सड़क राजेंद्र नगर और आसपास के इलाकों के लिए वैकल्पिक मार्ग का काम करेगी, जिससे मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा. इस मौके पर जिले के कई वरीय अधिकारी भी मौजूद रहे. मुख्यमंत्री के इस दौरे से स्पष्ट है कि सरकार इस साल के अंत तक पटना के प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को पूरा करने के लिए पूरी तरह गंभीर है.
सीएम ने पहले भी किया है निरीक्षण
मुख्यमंत्री पहले भी इस परियोजना का कई बार निरीक्षण कर चुके हैं. लगातार निगरानी से यह संकेत मिलता है कि सरकार इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता में रखे हुए है. निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गुणवत्ता से समझौता किए बिना कार्य को समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए. इस मौके पर नगर विकास विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, नगर आयुक्त अनिमेष परासर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.

