जाति प्रमाण पत्र, आरक्षण और छात्रवृत्ति से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई तेज

लखनऊ

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' के संकल्प के साथ सभी वर्गों को न्याय दिला रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग लगातार शिकायतों की सुनवाई कर त्वरित निस्तारण कर रहा है। आयोग साल 2024 से अप्रैल 2026 तक आई कुल शिकायतों में से करीब 87 प्रतिशत से अधिक शिकायतों का निस्तारण कर चुका है। इस तरह आयोग ने योगी सरकार की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए न केवल बड़ी संख्या में लंबित मामलों का निस्तारण किया है, बल्कि नई शिकायतों पर भी समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की है।

87 प्रतिशत से अधिक शिकायतों का निस्तारण हुआ

दरअसल योगी सरकार की प्राथमिकताओं में पिछड़ा वर्ग के लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान, शिकायतों की सुनवाई और प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी कार्रवाई शामिल है। इसी क्रम में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सक्रियता से बड़ी संख्या में लोगों को न्याय मिला है। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2024 से अप्रैल 2026 तक कुल 3394 शिकायतें आई थीं। इनमें से 2962 मामलों की सुनवाई और कार्यवाही के बाद निस्तारण किया जा चुका है। इस तरह करीब 87 प्रतिशत से अधिक शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। 

योगी सरकार पिछड़ा वर्ग के लोगों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है- राजेश वर्मा

छात्र-छात्राएं भी छात्रवृत्ति और शैक्षणिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर आयोग से मदद मांगते हैं। साथ ही पिछड़े वर्ग में शामिल करने के लिए भी लोग आयोग में प्रत्यावेदन देते हैं। उत्तर प्रदेश के अन्य पिछड़े वर्गों की अनुसूची-एक में जातियों के सम्मिलन, निष्कासन और संशोधन से संबंधित कुल 324 प्रत्यावेदन प्राप्त हुए। इनमें से 307 मामलों का सुनवाई और कार्यवाही के बाद निस्तारण किया जा चुका है। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पिछड़ा वर्ग के लोगों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आयोग का उद्देश्य केवल शिकायतें प्राप्त करना नहीं, बल्कि पीड़ित लोगों को वास्तविक राहत पहुंचाना है।

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