पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले सियासत तेज, Sukhjinder Singh Randhawa बोले- मतदाता अधिकारों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

चंडीगढ़.

पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने विधानसभा चुनावों से पहले राज्य में शुरू किए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव से महज कुछ महीने पहले इस प्रक्रिया को लागू करना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर संदेह खड़ा करता है।

पूर्व उप-मुख्यमंत्री रंधावा ने जारी बयान में कहा कि पंजाब में विधानसभा चुनावों के लिए दस महीने से भी कम समय बचा है। ऐसे में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू करने के पीछे केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि जब पंजाब और उत्तर प्रदेश में चुनाव लगभग एक ही समय पर होने हैं तो SIR पंजाब में अब क्यों लागू किया जा रहा है।

चुनाव के बाद SIR की मांग
उन्होंने कहा कि यदि चुनाव आयोग का उद्देश्य मतदाता सूचियों को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है तो यह प्रक्रिया चुनाव के बाद भी करवाई जा सकती थी। चुनावों से ठीक पहले इस कदम से लोगों में राजनीतिक मंशा को लेकर शंका पैदा होना स्वाभाविक है। रंधावा ने आरोप लगाया कि भाजपा केंद्र सरकार के प्रभाव में चुनावी प्रक्रियाओं का इस्तेमाल अपने राजनीतिक हितों के लिए करना चाहती है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं को नजर रखने को कहा
उन्होंने कहा कि बिहार और पश्चिम बंगाल में भी मतदाता सूचियों को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आई थीं। पंजाब में किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम सूची से हटाने या उसे मतदान से वंचित करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस गांव-गांव और शहर-शहर अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से निगरानी करेगी ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने अधिकार से वंचित न रहे। साथ ही उन्होंने सभी विपक्षी दलों से भी मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की।

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