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सोलर प्लेट की देखरेख सीखकर कमा रहे 20-25 हजार रुपये, बिहार में युवाओं को मिल रहा रोजगार

पटना
बिहार और केंद्र सरकार की ओर से गैर परम्परागत ऊर्जा को बढ़ावा दिए जाने की नीति को देखते हुए राज्य के बेरोजगारों को सोलर प्लेट के रखरखाव का विशेष प्रशिक्षण दिया जाने लगा है। युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग की ओर से अब तक 11 हजार से अधिक लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसमें से अधिकतर को काम मिल गया है और वे देश-प्रदेश के विभिन्न कंपनियों में 20-25 हजार तक मासिक की आमदनी कर रहे हैं।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत लोगों की छतों पर सोलर प्लेट लगाए जा रहे हैं। बिहार में एक-दो साल के भीतर लाखों लोगों के घरों की छतों पर सोलर प्लेट लगाने का लक्ष्य है। इन सोलर प्लेट के रखरखाव की जिम्मेवारी संबंधित एजेंसियों की पांच साल तक होगी। लेकिन एजेंसियों को इसके रखरखाव के लिए प्रशिक्षित मैनपावर की आवश्यकता होगी। इसी के मद्देनजर विभाग ने कुशल कार्यबल तैयार करने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया।

104 प्रशिक्षण केंद्र बनाए गए
युवाओं की ट्रेनिंग के लिए राज्य के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के 87 प्रशिक्षकों का चयन किया गया। कुल 104 प्रशिक्षण केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों में सोलर प्लेट के रखरखाव का बुनियादी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहां से निकले युवाओं को आसानी से काम मिल रहा है।

ऑन जॉब ट्रेनिंग के तहत ट्रेनिंग के साथ कमाई
पिछले वर्ष यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया था। विभाग का लक्ष्य था कि कम से कम 10 हजार लोगों को प्रशिक्षित किया जाए। लेकिन लक्ष्य से कहीं अधिक 11 हजार से अधिक लोगों को सोलर प्लेट के रखरखाव का प्रशिक्षण दिया गया है। वहीं जो पहले से जो इस क्षेत्र में काम कर रहे थे यानी ऑन जॉब ट्रेनिंग के तहत भी 10 हजार से अधिक लोगों को प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा विभाग असंगठित क्षेत्र के कामगारों को प्रशिक्षण के बाद प्रमाण पत्र भी दे रहा है।

प्रमाणीकरण के लिए ब्रिज कोर्स
रिकोग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग (आरपीएल) के तहत असंगठित क्षेत्र में उपलब्ध कौशल के प्रमाणीकरण के लिए ब्रिज कोर्स चला रहा है। इसके तहत 12 घंटे का उन्मुखीकरण एवं तत्पश्चात अधिकतम 68 घंटे का प्रशिक्षण ब्रिज कोर्स के तहत दिया जा रहा है। 15 से 59 वर्ष के लोगों को यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 46 हजार से अधिक लोगों ने नामांकन लिया जिसमें से 98 फीसदी लोगों को प्रशिक्षित कर दिया गया। जबकि 28 हजार से अधिक लोगों को प्रमाण पत्र भी दे दिया गया है।

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