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उपलब्धियों का उत्सव मनाते हुए भविष्य की जिम्मेदारियों को भी निभाना होगा : राज्यपाल पटेल

उपलब्धियों के उत्सव से शुरू होती भविष्य की बड़ी जिम्मेदारियाँ : राज्यपाल  पटेल

गरीब और वंचितों का जीवन बेहतर बनाने में ज्ञान से करें सहयोग

भोपाल

राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने युवाओं से कहा कि आज का समारोह उनके जीवन की उपलब्धियों का उत्सव तो है, लेकिन यह उनके भविष्य की बड़ी जिम्मेदारियों की शुरुआत भी है। उन्होंने युवाओं से अपेक्षा की कि वे संवेदना, सेवा और सहयोग के पथ पर निरंतर अग्रसर रहें और अपने हौसले तथा हुनर से गरीब, वंचित और जरूरतमंदों का जीवन बेहतर बनाने में योगदान दें। गरीब बस्तियों में जाकर जरूरतमंदों की मदद को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं और अपने ज्ञान को सार्थकता प्रदान करें।

राज्यपाल  पटेल ने  स्वशासी संस्थान टेक्नोक्रेट्स ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस (टी.आई.टी.) के वार्षिक ‘प्लेसमेंट डे’ समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल  पटेल ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उनका स्मृति-चिह्न भेंट कर अभिनंदन किया गया।राज्यपाल  पटेल ने समारोह में प्लेसमेंट प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों और हायरिंग कम्पनियों के प्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया।

राज्यपाल  पटेल ने ‘प्लेसमेंट डे’ के अवसर पर रोजगार प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों, उनके गुरुजनों और अभिभावकों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी युवाओं को विकसित भारत का कर्णधार मानते हैं। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, स्टार्टअप, कौशल विकास और डिजिटल इंडिया जैसे अभिनव कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं की प्रतिभा को नए पंख मिले हैं। उन्होंने वैश्विक मानकों और अपेक्षाओं के अनुरूप विद्यार्थियों को तैयार करने के प्रयासों के लिए टी.आई.टी. ग्रुप से जुड़े सभी सहयोगियों को साधुवाद दिया।

पूर्व मंत्री एवं विधायक  अजय विश्नोई ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने सामान्य हवा और हीलियम से भरे गुब्बारों के प्रसंग के माध्यम से विद्यार्थियों को ज्ञान की शक्ति का महत्व बताया। उन्होंने असफलता को सफलता में बदलने के लिए स्वयं की कमियों को पहचानकर उन्हें दूर करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम को बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. एस.के. जैन, संस्थान की अध्यक्ष मती साधना करसोलिया और विभिन्न कंपनियों के कैंपस हायरिंग प्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर संस्थान के मुख्य संरक्षक  रामराज करसोलिया भी मंचासीन थे।

 

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