Vikram Vyapar Mela 2026 में लग्जरी कारों का धमाका, 50% टैक्स छूट ने बढ़ाई BMW और मर्सिडीज की डिमांड

उज्जैन 

धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के साथ शहर ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी नई आर्थिक गति दर्ज कर रहा है। प्रदेश शासन के विक्रम व्यापार मेला 2026 के दौरान दोपहिया, कार और हल्के वाहनों पर लाइफटाइम मोटरयान कर में 50 प्रतिशत की छूट लागू की है। यह छूट 15 फरवरी से 18 मार्च 2026 तक मेला अवधि में प्रभावी रहेगी। इस छूट का असर यह रहा कि मेले के पहले ही दिन 501 वाहनों की रिकॉर्डतोड़ बिक्री हो गई। 50 प्रतिशत छूट लागू होने से लग्जरी कारों की मांग आसमान पर पहुंच गई है। मेले में बीएमडब्ल्यू, मर्सिडिज और जैगवार जैसे लग्जरी ब्रांडों की डिमांड बढ़ गई।
50 % की छूट मिलने से ऑन-रोड कीमत में आई बड़ी कमी

आरटीओ संतोष मालवीय के अनुसार 16 फरवरी को किए भौतिक सत्यापन और कर निर्धारण के बाद पहले दिन 501 वाहनों का पंजीयन दर्ज किया गया। इनमें 136 दोपहिया, 340 चारपहिया और 25 अन्य हल्के वाहन शामिल हैं। यह आंकड़ा बताता है कि कर प्रोत्साहन का सीधा प्रभाव वाहन पंजीयन और ऑटोमोबाइल बाजार की मांग पर पड़ा है। लाइफटाइम टैक्स, जो वाहन के पंजीयन के समय एकमुश्त लिया जाता है, उसमें 50 प्रतिशत की छूट मिलने से ऑन-रोड कीमत में बड़ी कमी आई है। इससे उपभोक्ताओं की खरीद क्षमता बढ़ी है। डीलरशिप स्तर पर बुकिंग और डिलीवरी की प्रक्रिया तेज हो गई।
पिछले मेले के भी टूटेंगे रिकॉर्ड

इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में लगे वाहन मेले में 124 चार पहिया वाहन और 40 दोपहिया वाहन के अस्थाई आउटलेट लगे हैं। सोमवार को इन आउटलेट से 450 से ज्यादा वाहन की बिक्री हुई जबकि 41 वाहन रविवार को शुभारंभ के बाद ही बिक गए थे। इसको लेकर आरटीओ अधिकारियों को मानना है कि इस बार मेला ग्वालियर और पिछले दो साल उज्जैन में लगे मेले का भी रिकार्ड तोड़ देगा।

2024 में 1 मार्च से शुरू हुआ मेला 9 अप्रेल तक चला था। इस दौरान 5797 दोपहिया वाहन, 17908 चार पहिया वाहन कुल 23705 वाहनों की बिक्री हुई थी।
2025 में 26 फरवरी से शुरू हुआ मेला 9 अप्रेल तक चला था। 7772 दोपहिया वाहन, 28451 चार पहिया और कुल 36225 वाहनों की बिक्री हुई थी। जिससे शासन को 186.58 करोड का राजस्व प्राप्त हुआ था और इतने ही राजस्व की छूट दी गई थी।

3 करोड़ के वाहन भी बिके थे मेले में

पिछले विक्रम व्यापार मेलों में बीएमडब्ल्यू, मर्सिडिज बैंज और जैगवार जैसे ब्रांडों के वाहनों का रजिस्ट्रेशन बाजार की क्षमता को दर्शाता है। एक्सपर्ट के अनुसार, इस तरह की कर रियायतें ऑटोमोबाइल सेक्टर में डिमांड जनरेशन, एडवांस टैक्स रिलेजेशन और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को गति देने का प्रभावी माध्यम बन रही हैं। विक्रमोत्सव मेला अब उज्जैन में ऑटोमोबाइल रजिस्ट्रेशन का पीक सीजन बनता जा रहा है।

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