भोपाल
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'सभी के लिए आवास' के संकल्प को मध्यप्रदेश की धरा पर साकार करने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल मार्गदर्शन एवं दूरदर्शी नेतृत्व के फलस्वरूप मध्यप्रदेश को 'प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी पुरस्कार-2026' से पुरस्कृत किया गया है। विश्व आवास दिवस पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू ने यह प्रतिष्ठित पुरूस्कार प्रदान किया। राज्य शासन की ओर से नगरीय विकास एवं आवास विभाग आयुक्त संकेत भोंडवे तथा प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के राज्य मिशन संचालक शिशिर गेमावत ने पुरूस्कार प्राप्त किया।
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) के बी.एल.सी. (लाभार्थी आधारित निर्माण) घटक के सर्वोत्कृष्ट एवं सुव्यवस्थित क्रियान्वयन तथा स्वीकृत आवासों की तुलना में सर्वाधिक पक्के आवासों का निर्माण पूर्ण कराने में मध्यप्रदेश संपूर्ण देश में अग्रणी रहा है। एक लाख से कम आबादी वाले नगरीय निकायों की श्रेणी में उत्कृष्ट कीर्तिमान स्थापित करते हुए नगर पालिका परिषद वारासिवनी को भी बी.एल.सी. घटक के अंतर्गत सर्वाधिक आवास पूर्ण करने पर राष्ट्रीय स्तर पर विशेष रूप से अलंकृत किया गया।

आयुक्त नगरीय विकास एवं आवास भोंडवे ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी से प्रदेश के लाखों वंचित एवं जरूरतमंद शहरी परिवारों के अपने पक्के घर का स्वप्न साकार हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य में योजना का पारदर्शी, प्रभावी एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जा रहा है। मिशन संचालक गेमावत ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में योजना के विभिन्न घटकों के अंतर्गत अब तक 10 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 9 लाख से अधिक निर्मित आवास हितग्राहियों को सौंपे जा चुके हैं।
प्रदेश में योजना के बहुआयामी एवं सुगम क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार द्वारा अनेक अभिनव प्रयोग तथा नीतिगत सुधार किए गए हैं। समाज के अंतिम छोर पर खड़े भूमिहीन पात्र परिवारों को आवासीय भूमि के पट्टे वितरित किए गए, जिससे वे बी.एल.सी. घटक के अंतर्गत मिलने वाले लाभों से वंचित न रहें। इस ऐतिहासिक सफलता में राज्य स्तरीय मिशन टीम, जिला प्रशासन, नगरीय निकायों, संबद्ध विभागों, समर्पित हितग्राहियों एवं समस्त हितधारकों का सहयोगात्मक योगदान व कर्मठता प्रशंसनीय रही है।
