बिलासपुर
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना से बुधवार को न्यायिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही उच्च न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और बम स्क्वॉड तथा डॉग स्क्वॉड की टीमों को मौके पर तैनात कर सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया।
बारीकी से हो रही निगरानी
पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार धमकी मिलने के बाद एहतियातन पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में लिया गया। प्रवेश द्वारों पर जांच सख्त कर दी गई है तथा संदिग्ध वस्तुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ सीसीटीवी निगरानी भी बढ़ा दी गई है।
अन्य जिला न्यायालयों को भी मिल चुकीं धमकियां
गौरतलब है कि इससे पूर्व भी प्रदेश के अन्य जिला न्यायालयों को इसी प्रकार की धमकियां मिल चुकी हैं। राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा और जगदलपुर के जिला न्यायालयों में भी ऐसी सूचनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया था। हालांकि बाद की जांच में वे सूचनाएं अफवाह साबित हुई थीं।
तलाशी और जांच जारी, ढिलाई नहीं…
फिलहाल, बिलासपुर उच्च न्यायालय परिसर में तलाशी और जांच की कार्रवाई जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है और सुरक्षा में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था और जांच
धमकी के तुरंत बाद हाईकोर्ट परिसर को छावनी में बदल दिया गया। सभी प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त बल तैनात किए गए। डॉग स्क्वायड ने हर कोने की तलाशी ली। बॉम्ब स्क्वायड ने भी अत्याधुनिक उपकरणों से जांच की। पुलिस ने परिसर के चप्पे-चप्पे की पड़ताल की।
ईमेल स्रोत की पड़ताल
पुलिस अब संदिग्ध ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई है। साइबर विशेषज्ञों की मदद से ईमेल भेजने वाले की पहचान की जा रही है। पुलिस इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस धमकी के पीछे कौन है।

