दवा कारोबारियों का पंजाब बंद, ऑनलाइन सप्लाई को लेकर केमिस्टों में भारी नाराजगी

मोगा.

ऑल इंडिया आर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट की ओर से घोषित देशव्यापी हड़ताल का पंजाब समर्थन कर रहा है। जिसके चलते कल, मंगलवार, राज्य में दवा दुकानें बंद रहेंगी। मोगा डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट एसोसिएशन की विशेष बैठक के दौरान यह फैसला लिया गया। बैठक में एसोसिएशन के प्रधान राजीव गर्ग और दीपक कुमार दीपू सहित बड़ी संख्या में दवा कारोबारी मौजूद रहे।

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई ऑनलाइन दवा बिक्री व्यवस्था अब स्थानीय दवा कारोबारियों के लिए बड़ी समस्या बन चुकी है। उन्होंने बताया कि कोविड काल के दौरान ऑनलाइन माध्यम से दवाइयां उपलब्ध करवाने के लिए योजना लागू की गई थी, लेकिन महामारी समाप्त होने के बाद भी इसे बंद नहीं किया गया। इससे छोटे और मध्यम स्तर के मेडिकल स्टोर संचालकों का कारोबार लगातार प्रभावित हो रहा है। दीपक कुमार दीपू ने आरोप लगाया कि बड़ी कंपनियां ऑनलाइन माध्यम से दवाइयां 40 प्रतिशत तक कम कीमत पर बेच रही हैं, जबकि स्थानीय दुकानदारों को बहुत कम मार्जिन मिलता है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन कंपनियों को ज्यादा कमीशन मिलने के कारण छोटे कारोबारी आर्थिक दबाव में आ गए हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ड्रग विभाग की गाइडलाइन स्थानीय दुकानदारों के लिए बेहद सख्त हैं, जबकि ऑनलाइन माध्यम से प्रतिबंधित गोलियां तक सप्लाई की जा रही हैं। इसके बावजूद ऑनलाइन कारोबारियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। दूसरी ओर यदि कोई स्थानीय केमिस्ट नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई कर दी जाती है।
दवा कारोबारियों ने कहा कि किराया, बिजली बिल और अन्य खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में बिक्री घटने के कारण कई दुकानदार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मिलने वाली कई दवाइयां घटिया गुणवत्ता की होती हैं, जिससे लोगों की सेहत पर भी खतरा बढ़ रहा है।

ऑनलाइन फार्मेसी पर रोक की मांग
एसोसिएशन ने सरकार के सामने कई मांगें भी रखीं। इनमें ऑनलाइन फार्मेसी पर रोक लगाने, बिना लाइसेंस जन-औषधि केंद्रों पर दवाइयां रखने पर कार्रवाई, ड्रग लाइसेंस पोर्टल की तकनीकी खामियां दूर करने, दवा दुकानों में पुलिस दखल बंद करने और एच-वन रजिस्टर व्यवस्था खत्म करने जैसी मांगें शामिल हैं। केमिस्ट एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। बुधवार को जिलेभर में मेडिकल स्टोर बंद रहने के कारण लोगों को दवाइयों की खरीद में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *