Headlines

बिहार में भागवत कथा के समय भगदड़, कारण बना रहस्य

मोतिहारी

बिहार के मोतिहारी जिले के रक्सौल में भारत–नेपाल सीमा के निकट आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ के दौरान रविवार को अचानक अव्यवस्था फैल गई। प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य अनिरुद्धाचार्य जी महाराज के सत्संग में हजारों-लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने से आयोजन स्थल रक्सौल हवाई अड्डा परिसर में भीड़ बेकाबू हो गई।
 
भीड़ प्रबंधन की कमी से बिगड़े हालात
कथावाचक के मंच पर पहुंचते ही श्रद्धालुओं का सैलाब पंडाल की ओर उमड़ पड़ा। आयोजन समिति की ओर से भीड़ नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम नहीं होने के कारण मुख्य द्वार पर अत्यधिक दबाव बन गया। इसी दौरान रेलिंग टूट गई और भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे कार्यक्रम कुछ समय के लिए बाधित हो गया।
 
घायलों को प्राथमिक उपचार, महिलाएं बेहोश
अफरातफरी के बीच कई श्रद्धालुओं को चोटें आईं। दबाव बढ़ने से दो महिलाएं बेहोश हो गईं, जिन्हें मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। स्थिति की गंभीरता के कारण कुछ देर तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन रोकना पड़ा।
 
परिजनों से बिछड़े बच्चे, मदद की व्यवस्था पर सवाल
हंगामे के दौरान कई छोटे बच्चे अपने परिजनों से बिछड़ गए। आयोजन स्थल पर हेल्प डेस्क या लॉस्ट एंड फाउंड जैसी कोई व्यवस्था नहीं होने से माता-पिता बच्चों की तलाश में भटकते नजर आए। श्रद्धालुओं ने इतने बड़े धार्मिक आयोजन में न्यूनतम सहायता व्यवस्था नहीं होने पर नाराजगी जताई।
 
वीआईपी व्यवस्था को लेकर श्रद्धालुओं में रोष
आम श्रद्धालुओं का गुस्सा वीआईपी व्यवस्था को लेकर भी सामने आया। लोगों का कहना था कि चंदा वसूली के बावजूद पंडाल में केवल अधिक राशि देने वालों को अलग सुविधा और प्राथमिकता दी गई, जबकि आम भक्तों को धक्कों का सामना करना पड़ा, जिससे अव्यवस्था और बढ़ती चली गई।

पुलिस के हस्तक्षेप से हालात काबू में
स्थिति बिगड़ने पर मौके पर तैनात पुलिस ने हस्तक्षेप किया और भीड़ को पीछे हटाने के लिए आवश्यक कदम उठाए। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनीष आनंद ने लाठीचार्ज से इनकार करते हुए बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से भीड़ नियंत्रण के लिए उचित कार्रवाई की गई और अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
 
प्रशासन ने आयोजन समिति को लगाई फटकार
अव्यवस्था को गंभीर मानते हुए अनुमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार ने आयोजन समिति को कड़ी फटकार लगाई और रात भर में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का निर्देश दिया, ताकि आगे कोई बड़ा हादसा न हो। वहीं आयोजन समिति की अध्यक्ष शिखा दास की ओर से इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *