पंजाब में रेलवे ट्रैक धमाका, आतंकी जगरूप मारा गया; पुलिस पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही

तरनतारन.

गत रात शंभू बार्डर समीप रेलवे लाइन पर ब्लास्ट हुआ। इस दौरान ट्रैक उड़ाने दौरान एक आतंकी के शरीर के चीथड़े उड़ गए। जिसकी पहचान पंजाब के जिला तरनतारन के गांव पंजवड़ निवासी जगरुप सिंह उर्फ जूपा के तौर पर हुई है।

आतंकियों की पुश्तभूमि के तौर पर जाने जाते गांव पंजवड़ के लोग हैरान नजर आए। हालांकि खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों ने गांव में डेरा डाल लिया है। आटा चक्की चलाने वाले जगरुप सिंह जूपा की आयु करीब 33 वर्ष बताई जाती है।

विधानसभा उपचुनाव के दौरान जूपा पर दर्ज हुआ था मामला
तरनतारन विधानसभा उपचुनाव के दौरान जूपा के खिलाफ पोस्टर फाड़ने बाबत एक शिकायत थाना झब्बाल में दर्ज हुई थी। इसके अलावा जूपा के खिलाफ कोई अन्य आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। मंगलवार को जब पता चला कि रेलवे ट्रैक पर ब्लास्ट के दौरान जूपा की मौत हुई है तो गांव के लोग हैरान रह गए। दो बेटियों का बाप जूपा अक्सर निहंग वेष में रहता था। ग्रामीण पाल सिंह, मेजर सिंह, सेवक सिंह ने बताया कि विवाहित जगरुप सिंह आतंकियों से जुड़ा होगा, इस बाबत सोचा भी नहीं था।

खालिस्तान कमांडो फोर्स (केसीएफ) के मुखिया परमजीत सिंह पंजवड़ की गत वर्ष पाकिस्तान में बाइक सवारों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गांव पंजवड़ से संबंधित कई और भी आतंकी रह चुके हैं। जगरुप सिंह जूपा के परिवार बाबत पुलिस द्वारा रिकार्ड खंगाला जा रहा है। तरनतारन के एसएसपी सुरिंदर लांबा कहते हैं कि जूपा के परिवार से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। मामले की गहनता से जांच के बाद जो भी रिपोर्ट सामने आएगी, उसे उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा।

जूपा दो दिन पहले ही गांव में घूमता देखा गया था
रेलवे लाइन पर ब्लास्ट के मामले में तरनतारन पुलिस द्वारा खुफिया एजेंसियों के इनपुट के आधार पर पांच संदिग्ध लोगों को राउंडअप कर लिया है। माना जा रहा है कि ब्लास्ट मामले में इन लोगों से आतंकी गुट से संबंधित अहम जानकारी मिल सकती है। जूपा दो दिन पहले ही गांव में घूमता देखा गया था। सब डिवीजन तरनतारन के डीएसपी सुखबीर सिंह के नेतृत्व में उक्त लोगों से पूछताछ की जा रही है।

डीजीपी रेलवे शशि प्रभा मौके पर पहुंची
शंभू के नजदीक रेलवे लाइन पर बम विस्फोट की घटना के बाद स्पेशल डीजीपी रेलवे शशि प्रभा मौके पर पहुंची है जिन्होंने कहा कि हमला करने वाला आतंकी जगरूप सिंह के संबंधी कुछ सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। इस फुटेज में जगरूप सिंह अमृतसर रेलवे स्टेशन पर पार्किंग में अपनी बाइक पार्क करता दिखाई देता है। डीजीपी शशि प्रभा ने माना कि इस आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तान के हाथ होने से इनकार नहीं किया जा सकता। घटना में कई लोग शामिल हो सकते हैं, जांच शुरू कर दी गई है जल्द ही पूरा मामला हल हो जाएगा।

शंभू-राजपुरा रेलवे ट्रैक पर विस्फोटक लगाने वाला धमाके में मारा गया। आरोपित ने यह धमाका सोमवार रात राजपुरा और शंभू रेलवे स्टेशन के बीच गांव बठोनिया के नजदीक डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर के रेलवे ट्रैक पर किया था। एसएसपी पटियाला वरुण शर्मा ने बताया कि धमाके में मरने वाला व्यक्ति जगरूप सिंह तरनतारन के गांव पंजवड़ का रहने वाला था। उसके शव के टुकड़े करीब 100 मीटर के दायरे में बिखरे मिले थे।

मौके से एक सिम मिला है, जिसकी जांच में धमाके के राज खुल सकते हैं। उधर, आतंकियों की पृष्ठिभूमि के तौर पर जाने जाते गांव पंजवड़ में खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों ने डेरा डाल लिया है। खालिस्तान कमांडो फोर्स (केसीएफ) का मुखिया परमजीत सिंह पंजवड़ इसी गांव का था। इस मामले में पांच संदिग्ध लोगों को राउंडअप करने की सूचना है, लेकिन पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं कर रही है।

टुकड़ों में मिली लाश
वहीं राजपुरा सिविल अस्पताल में टुकड़ों में बंटी डेड बॉडी जीआरपी द्वारा शवगृह में रखवाइ गयी है। इसके संबंध में पूछा गया कि वह डेड बॉडी जगरूप कि हैं तो उन्होंने बताया कि इसपर हम जांच कर रहे हैं कि वह बॉडी किसकी है। लेकिन विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से यह खबर मिली है कि राजपुरा मे पड़ी बॉडी जगरूप सिंह की ही है। उसने नीले रंग की पगड़ी पहनी हुई थी जोकि कई टुकड़ों में राजपुरा सिविल अस्पताल में लाई गयी है। ब्लास्ट में टुकड़ों में आयी लाश की राजपुरा सिविल अस्पताल में डेड बॉडी आने की पुष्टि smo द्वारा भी कर दी गई है. परंतु उन्होंने बताया कि हमे इसकी पहचान नहीं पता।

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