शहडोल के जनजातीय शिल्पकारों के सपनों को मिल रही नई उड़ान

शहडोल   शहडोल की पहचान केवल उसकी प्राकृतिक सुंदरता और जनजातीय संस्कृति से ही नहीं, बल्कि यहां के कुशल शिल्पकारों की पारंपरिक कला से भी है। वर्षों से गोंडी पेंटिंग, काष्ठ शिल्प, रॉट आयरन और कालीन-दरी जैसे हस्तशिल्प यहां के जनजातीय परिवारों की आजीविका और सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा रहे हैं। समय के साथ बदलते बाजार…

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