अमेरिकी इंजन की देरी ने बढ़ाई चुनौती तो DRDO ने पलटी बाजी, Kaveri 2.0 से Tejas को मिलेगा स्वदेशी दम
बेंगलुरु भारत को अब अमेरिका GE F404 इंजन की जरूरत नहीं पड़ेगी. लंबे समय से चर्चा में रहे कावेरी जेट इंजन को अब पूरी तरह नया रूप देकर कावेरी 2.0 विकसित किया जा रहा है. डीआरडीओ की गैस टरबाइन रिसर्च एस्टैब्लिशमेंट (जीटीआरई) इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जा रहा है। इस मुख्य मकसद तेजस फाइटर…
