सुभाष चंद्रा के कर्ज सैटलमेंट पर विजय माल्या का तंज, जानिए क्या है बैंकिंग का ‘हेयरकट’ खेल
नई दिल्ली अगर आप किसी बैंक से 100 रुपये का लोन लें और बाद में बैंक के पास जाकर कहें कि भाई मेरे पास पैसे नहीं हैं, आप सिर्फ 30 पैसे रखकर मेरा पूरा कर्ज माफ कर दो… तो सोचिए बैंक मैनेजर का क्या रिएक्शन होगा? आम इंसान के लिए तो यह किसी हसीन सपने…
