सनातन धर्म में 14 लोकों की ब्रह्मांडीय संरचना का वर्णन
सनातन धर्म में ब्रह्मांड की कल्पना केवल भौतिक नहीं, बल्कि गहरे आध्यात्मिक और प्रतीकात्मक अर्थों से जुड़ी हुई है. विष्णु पुराण और श्रीमद्भागवत पुराण के अनुसार, यह सृष्टि किसी खाली अंतरिक्ष में नहीं तैर रही, बल्कि इसका आधार दिव्य शक्तियों पर टिका हुआ है. कहा जाता है कि पूरा ब्रह्मांड शेषनाग के फनों पर स्थित…
