संघर्ष से सफलता तक का सफर, हादसे को मात देकर राम रतन सिंह ने एशियन पैरा गेम्स में रचा इतिहास
नागोया मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है छाता तहसील स्थित नरी गांव के जांबाज पैरा एथलीट राम रतन सिंह ने। कभी अखाड़ों और कबड्डी के मैदानों में विरोधियों के पसीने छुड़ाने वाले रामरतन…
