जगरगुंडा में डर का अंत, खाकी की दस्तक से नक्सलमुक्त इलाके में लौट रही सामान्य जिंदगी
सुकमा. कभी शाम होते ही बंद हो जाने वाला जगरगुंडा अब रात में भी जाग रहा है। दो दशकों तक भय के साए में जीने वाला इलाका अब बदलता नजर आ रहा है। सड़कों के निर्माण से बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा से संपर्क आसान हुआ है। बाजारों में फिर से चहल-पहल लौटने लगी है। कभी…
