‘लवरेज’ में प्रेम की चार कहानियां, रिश्तों और विश्वास के अनसुने पहलुओं को पर्दे पर दिखाएगी मनोज कृष्ण की फिल्म
प्रेम को किसी एक परिभाषा, रिश्ते या सामाजिक सीमा में बांधा जा सकता है? क्या प्रेम केवल आकर्षण है, या किसी दूसरे मन की पीड़ा को समझने और उसे स्वीकार करने का साहस भी? लेखक-निर्देशक मनोज कृष्ण की स्वतंत्र फिल्म ‘लवरेज’ इन्हीं सवालों के साथ दर्शकों के बीच आने को तैयार है. हाल ही में…
