शनि-मंगल का केंद्र योग 1 सितंबर से, इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान
ज्योतिष शास्त्र में शनि और मंगल दो अत्यंत शक्तिशाली, उग्र और परस्पर विरोधी तासीर वाले ग्रह माने गए हैं. मंगल अग्नि, साहस और पराक्रम के प्रतीक हैं, तो वहीं शनिदेव न्याय, कर्मफल और धैर्य व गतिरोध के कारक हैं. द्रिक पंचांग के अनुसार, 1 सितंबर 2026 से मंगल और शनि एक-दूसरे से 90° के कोणीय…
