जेवर एयरपोर्ट: यूपी के गौरव का अपमान न करिए अखिलेश
बहुत पहले राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर लिखित एक निबंध पढ़ा था- ‘ईर्ष्या तू न गई मेरे मन से’ जिसका भावपक्ष यह था कि यदि आपमें ईर्ष्या का भाव है तो आपकी दृष्टि भी नकारात्मक ही रहेगी और आप सकारात्मक पक्षों को देख ही नहीं सकेंगे। वर्तमान में कुछ राजनीतिक दलों में ऐसा ही भाव है…
