दिवाली से पहले सोना-चांदी निवेशकों की बढ़ी चिंता, कीमतों में गिरावट के बीच खरीदारी करें या रुकें? जानें एक्सपर्ट की राय
नई दिल्ली 'जब घर में पड़ा हो सोना, तो फिर काहे का रोना', भले ही ये एक विज्ञापन की लाइन है. लेकिन इसके मायने संकट में सहारे को दर्शाते हैं. वैसे भी जब-जब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संकट के बादल मंडराते हैं, महंगाई आसमान छूने लगती है, शेयर बाजारों में बिकवाली से हाहाकार मचता है, तब…
