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गरुड़ पुराण में बताए गए 5 महापाप, जिनका मृत्यु के बाद भुगतना पड़ता है फल

हिंदू धर्म में गरुड़ पुराण को ऐसा ग्रंथ माना गया है, जो मृत्यु के बाद की यात्रा और जीवन जीने के तरीके दोनों पर बात करता है। बहुत से लोग सोचते हैं कि छिपे पाप किसी को पता नहीं चलते हैं। गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के बाद यमलोक में छोटे-बड़े कर्मों का हिसाब होता…

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पुत्र न हो तो कौन करेगा श्राद्ध? गरुड़ पुराण में बताया गया है पूरा अधिकार-क्रम

सनातन धर्म और गरुड़ पुराण में पितृऋण से मुक्ति और पूर्वजों की आत्मा की तृप्ति के लिए श्राद्ध कर्म को अनिवार्य माना गया है. धर्मशास्त्रों में ज्येष्ठ पुत्र को पिता के श्राद्ध और पिंडदान का मुख्य अधिकारी माना गया है. हालांकि, यदि पुत्र न हो या पुत्र जीवित न हो या किसी कारणवश उपस्थित न…

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गरुड़ पुराण में गर्भवती महिला और बच्चों के अंतिम संस्कार को लेकर क्या नियम हैं?

हम सभी जानते हैं कि सामान्य हिंदू परंपरा में किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसका अंतिम संस्कार किया जाता है. चाहे वह स्त्री हो या पुरुष, मृत शरीर को अग्नि के सुपुर्द करने की परंपरा रही है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि गर्भवती महिला और छोटे बच्चों की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार…

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गरुड़ पुराण में सूर्यास्त बाद अंतिम संस्कार वर्जित, जानें धार्मिक मान्यता

 किसी भी व्यक्ति की मृत्यु होना बेहद दुखद क्षण होता है. जब कोई अपना हमें छोड़कर जाता है, तो एक ओर जहां उसके जाने का गहरा दुख होता है, वहीं दूसरी ओर उसके अंतिम संस्कार की तैयारियां भी शुरू हो जाती हैं. गरुड़ पुराण में मृत्यु और उससे जुड़े कई नियमों और मान्यताओं का विस्तार…

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गरुड़ पुराण के अनुसार रात में अंतिम संस्कार क्यों नहीं किया जाता, जानिए धार्मिक कारण

जैसे दिन के बाद रात होना निश्चित है, ठीक उसी प्रकार यह भी निश्चित है कि जिसने इस मृत्यु लोक में जन्म लिया है, उसे एक न एक दिन मृत्यु का सामना अवश्य करना पड़ता है. यानी पृथ्वी लोक का सबसे बड़ा सत्य है- मृत्यु. फिर भी कुछ लोग इस सच्चाई को स्वीकार नहीं कर…

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मृत्यु के बाद 13 दिन का रहस्य और तुलसी का महत्व, गरुड़ पुराण में छिपा जीवन का सच

मृत्यु एक ऐसा शब्द है, जो अपने साथ हमेशा एक गहरा सन्नाटा लेकर आता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि प्राण निकलने के बाद वास्तव में क्या होता है? यह सफर जितना भयावह प्रतीत होता है, उतना ही रहस्यमय और कहीं-कहीं अद्भुत भी है. आज हम इसी विषय को समझने के लिए प्राचीन…

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मृतक की इन वस्तुओं का उपयोग माना गया अशुभ, जानिए गरुड़ पुराण के नियम

हिंदू धर्म के 18 पुराणों में गरुड़ पुराण मृत्यु, मृतात्मा और उसके बाद की यात्रा का विस्तार से वर्णन करने वाला प्रमुख ग्रंथ है। इसमें मृत व्यक्ति की वस्तुओं के उपयोग को लेकर स्पष्ट नियम दिए गए हैं। गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के बाद भी व्यक्ति की वस्तुओं में उसकी सूक्ष्म ऊर्जा कुछ समय…

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गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु के क्षण और आत्मा की यमलोक यात्रा का रहस्य

मत्यु या मौत, एक ऐसा सच जिसको कोई नहीं झुठला नहीं सकता. मृत्यु के इन रहस्यों से जुड़ा भगवान विष्णु और उनके वाहन गरुड़ जी के बीच का संवाद गरुड़ पुराण में वर्णित मिलता है. एक बार गरुड़ जी ने भगवान विष्णु से पूछा कि मनुष्य की मृत्यु कैसे होती है, आखिरी समय में उसे…

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गरुड़ पुराण: मृत्यु के बाद आत्मा की यात्रा और कर्मों के फल का गहरा रहस्य

 गरुड़ पुराण हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जो 18 महापुराणों में से एक है. इस ग्रंथ को किसी मृत्यु के दौरान पढ़ा जाता है. यह ग्रंथ मुख्य रूप से भगवान विष्णु और उनके वाहन गरुड़ के बीच संवाद के रूप में प्रस्तुत किया गया है. इसमें जीवन, मृत्यु और मृत्यु के बाद आत्मा…

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गरुड़ पुराण में वर्णित नियम: इन 5 हालात में दाह संस्कार करने से किया जाता है मना

सनातन धर्म में 16 संस्कारों का वर्णन है. इन्हीं संस्कारों में से एक है दाह संस्कार. गुरुड़ पुराण में बताया गया है कि विधि और नियम से दाह संस्कार करने पर ही मृतक की आत्मा को शांति प्राप्त होती है. हालांकि शास्त्रों के अनुसार, सभी का दाह संस्कार जरूरी नहीं माना गया है. गरुड़ पुराण…

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