भगोरिया मेले में सोशल मीडिया का जादू: रील बनाने की होड़, ₹500 में ‘इंस्टेंट एडिटिंग’ सर्विस और 3000 फॉलोअर्स का इजाफा
झाबुआ मांदल की थाप, उड़ता हुआ गुलाल और पारंपरिक वेशभूषा… भगोरिया का मेला हमेशा से अपनी इसी रौनक के लिए जाना जाता रहा है। लेकिन इस बार मेले की तस्वीर थोड़ी बदली-बदली नजर आई। अब यहां युवा सिर्फ नाचने-गाने नहीं, बल्कि कंटेंट बनाने भी आ रहे हैं। ढोल बजते ही मोबाइल के कैमरे ऑन हो…
