सूर्यास्त्र रॉकेट ने शेयर बाजार में मचाई हलचल, निवेशकों ने जमकर की खरीदारी

बेंगलुरु

 डिफेंस सिस्टम बनाने वाली कंपनी निबे लिमिटड (Nibe Limited) के शेयर शुक्रवार को भारी डिमांड में थे। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन इस शेयर में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। शेयर में यह उछाल इजरायल की डिफेंस कंपनी Elbit सिस्टम्स के साथ मिलकर बनाए और विकसित किए गए लंबी दूरी के सूर्यास्त्र (Suryastra) रॉकेट सिस्टम के सफल फ्लाइट-टेस्ट के बाद आया। इस नए रॉकेट सिस्टम का टेस्ट-फायर ओडिशा के तट के पास स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) से किया गया।

शेयर का परफॉर्मेंस
इस खबर की वजह से शुक्रवार को शेयर 1,293.65 रुपये की पिछली क्लोजिंग के मुकाबले 14 पर्सेंट से ज्यादा उछलकर 1,469 रुपये तक जा पहुंचा। पिछले एक हफ्ते में शेयर लगभग 30 प्रतिशत बढ़ चुका है। शेयर का 52 वीक हाई 2000 रुपये और 52 वीक लो 810 रुपये है।

निवेशकों में उत्साह की वजह
बाजार विश्लेषकों ने शेयर को लेकर निवेशकों के उत्साह की मुख्य वजह 'सूर्यास्त्र' रॉकेट सिस्टम के सफल परीक्षण और 'वायु अस्त्र-1' लोइटरिंग म्यूनिशन के पहले ट्रायल की वजह से था। इसके अलावा, 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत भारत के रणनीतिक रक्षा निर्माण क्षेत्र में कंपनी की भविष्य की भूमिका को लेकर बढ़ती उम्मीदें भी इस तेजी की एक वजह थीं। बाजार विश्लेषकों ने कहा-हाल के वर्षों में किसी डिफेंस स्टॉक में देखी गई यह सबसे तेज उछालों में से एक हो सकती है।

खासकर तब जब यह किसी उभरती हुई निजी क्षेत्र की कंपनी का स्टॉक हो। विश्लेषकों ने इस तेजी का श्रेय हथियारों के सफल परीक्षणों को लेकर निवेशकों के जबरदस्त उत्साह और भारत के स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षेत्र में बढ़ते अवसरों की उम्मीदों को दिया।

सूर्यास्त्र रॉकेट सिस्टम का सफल टेस्ट
रक्षा अधिकारियों ने बताया कि ओडिशा के चांदीपुर टेस्ट सेंटर से दो दिनों में सूर्यास्त्र रॉकेट सिस्टम के कई राउंड का सफल टेस्ट किया गया। इनमें 150 किलोमीटर और 300 किलोमीटर रेंज वाले वेरिएंट भी शामिल थे।

18 और 19 मई को लगातार हुए इन ट्रायल्स में मिशन के सभी लक्ष्य असाधारण सटीकता के साथ हासिल किए गए। इससे इस सिस्टम की लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता साबित हुई और भारत का स्वदेशी प्रिसिजन-गाइडेड रॉकेट आर्टिलरी प्रोग्राम और मजबूत हुआ।

बता दें कि सूर्यास्त्र रॉकेट, एलबिट सिस्टम्स द्वारा विकसित 'प्रेसिज एंड यूनिवर्सल लॉन्चिंग सिस्टम' (PULS) टेक्नोलॉजी पर आधारित हैं और इनका निर्माण भारत में निबे ग्रुप के सहयोग से किया जा रहा है। इस सिस्टम को पारंपरिक फील्ड आर्टिलरी और भारी बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम के बीच की खाई को पाटने के लिए डिजाइन किया गया है।

जनवरी में सेना के साथ समझौता

जनवरी में भारतीय सेना ने आपातकालीन खरीद शक्तियों के तहत निबे लिमिटेड के साथ ₹292.69 करोड़ ($31 मिलियन) का एक कॉन्ट्रैक्ट किया था। यह कॉन्ट्रैक्ट 150 किलोमीटर और 300 किलोमीटर तक मार करने की क्षमता वाले एक उन्नत लंबी दूरी के रॉकेट लॉन्चर सिस्टम की आपूर्ति के लिए किया गया था। इस आपूर्ति को एक वर्ष के भीतर किस्तों में पूरा किया जाएगा।

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