Headlines

भोपाल में जीएसटी नियमों की सख्ती: मालवाहक वाहनों को अब नाम या नंबर पर नहीं रोका जाएगा, जानकारी देना अनिवार्य

भोपाल
मध्यप्रदेश में अब व्यापारियों के माल से भरे वाहनों को मनमाने ढंग से रोकना आसान नहीं होगा। कमर्शियल टैक्स विभाग ने नया सर्कुलर जारी कर स्पष्ट किया है कि जीएसटी एक्ट के तहत कार्रवाई का अधिकार मुख्य रूप से उसी विभाग के पास रहेगा।मध्यप्रदेश में जीएसटी ऑडिट की प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और सख्त बनाने के लिए वाणिज्यिक कर विभाग ने नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) लागू की है। अब ऑडिट के दौरान अधिकारी बार-बार डॉक्यूमेंट नहीं मांगेंगे। एक बार में ही पूरी सूची देंगे। इसके अलावा व्यापारियों को जवाब देने के लिए 29 दिन का समय मिलेगा।

जानकारी न देने पर लगेगा जुर्माना
नई व्यवस्था के मुताबिक अधिकारी व्यापारियों को पहले 15 दिन का समय देंगे। इसके बाद सात-सात दिन के दो रिमाइंडर भेजे जाएंगे।

तय समय में जानकारी नहीं दी गई तो राज्य और केंद्रीय जीएसटी नियमों के तहत 10-10 हजार रुपए, यानी कुल 20 हजार रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है। विभाग का कहना है कि समय पर जानकारी न मिलने से राजस्व संग्रह और ऑडिट प्रक्रिया पर असर पड़ता है।

गलत जानकारी पर लाइसेंस रद्द
01 मई 2026 से विभाग उन व्यापारियों की जांच शुरू करेगा जो लंबे समय से एक जैसा टर्नओवर दिखा रहे हैं। एक करोड़ 25 लाख से एक करोड़ 50 लाख रुपए तक के टर्नओवर वाले माल व्यापारी और 35 से 50 लाख रुपए के सर्विस प्रोवाइडर खास ध्यान में रहेंगे। गलत जानकारी मिली तो उनका कम्पोजीशन लाइसेंस रद्द कर कार्रवाई की जाएगी।

इनफार्मर पर भी सख्ती नई व्यवस्था में सूचना देने वाले (इनफार्मर) की जवाबदेही भी तय की गई है। यदि जांच में सूचना गलत पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति को दस्तावेजों के साथ बुलाया जा सकता है। इससे विभाग को उम्मीद है कि झूठी या अपुष्ट सूचनाओं में कमी आएगी।

कारोबारियों को राहत अब टैक्स चोरी की सूचना पर छापा या जब्ती की कार्रवाई करने से पहले संबंधित सर्किल प्रभारी को वेब पोर्टल पर इसकी जानकारी दर्ज करनी होगी। इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और व्यापारियों को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी।

व्यापारियों को दी सलाह

कर सलाहकार पलाश खुरपिया का कहना है कि इस सर्कुलर से ऑडिट प्रक्रिया में एकरूपता आएगी। साथ ही अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी। उन्होंने व्यापारियों को सलाह दी है कि वे तय समय में जानकारी दें।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *