पंजाब में शिक्षा विभाग का सख्त निर्देश, सभी स्कूलों को प्रमोटेड छात्रों का डाटा दर्ज करना अनिवार्य

लुधियाना.

डायरेक्टर जनरल स्कूल शिक्षा (डी.जी.एस.ई.) सह स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर, पंजाब की ओर से ई-पंजाब पोर्टल (एम.आई.एस. 2.0) पर प्रमोट किए गए विद्यार्थियों के डाटा को वैरिफाई करने के संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए है कि सभी स्कूलों में विद्यार्थियों के रिकॉर्ड की बारीकी से जांच करें।

विभाग द्वारा पोर्टल पर विद्यार्थियों का डाटा अगली क्लास में प्रमोट कर दिया गया है। अब सभी स्कूलों को प्रमोट किए गए विद्यार्थियों की क्लास और सैक्शन की जांच करनी होगी और जरूरत के अनुसार सुधार (एडिट) करवाना होगा। यदि किसी विद्यार्थी को गलती से प्रमोट कर दिया गया है, तो उसे उसकी सही क्लास में दर्ज करना होगा।

ट्रासफर सर्टीफिकेट और नए दाखिले
विभाग द्वारा जारी पत्र में सभी स्कूलों को निर्देश जारी किए गए हैं कि अकादमिक साल 2025-26 की सबसे बड़ी क्लास के विद्यार्थियों को 'स्टूडेंट पर्सनल डिटेल्स' शीट में 'इनएक्टिव' और 'पास आऊट' दिखाया जाए। इन विद्यार्थियों को 'टी.सी. जैनरेशन' स्क्रीन से ट्रांसफर सर्टीफिकेट (टी.सी.) जारी किया जाए। इसके अलावा, साल 2026-27 के लिए सभी छोटी क्लास (लोअर क्लास) के सैक्शन निर्धारित किए जाएं और जरूरत पड़ने पर नए सेक्शन भी बनाए जा सकते हैं।

गाइडलाइन्स के अनुसार नए दाखिले
नए दाखिले के लिए आने वाले विद्यार्थियों को विभाग की गाइडलाइन्स के अनुसार सही क्लास में दर्ज करने को कहा गया है। विभाग के ध्यान में आया है कि कई स्कूलों के यू-डाइस पोर्टल और ई-पंजाब पोर्टल पर लोअर और हायर क्लास की जानकारी में अंतर (डिस्क्रेपैंसी) है। उदाहरण के तौर पर, कुछ स्कूलों की लोअर क्लास नर्सरी है, जबकि ई-पंजाब पोर्टल पर एल.के.जी. दर्ज है। स्कूल ऐसी विसंगतियों को ध्यान से वैरिफाई करने के बाद ही दर्ज करना होगा। सभी स्कूल प्रमुखों को 6 अप्रैल तक सारा काम मुकम्मल करने को कहा गया है। 

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