अमृतसर
अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट की दुबई जाने वाली उड़ान में लगातार देरी से मंगलवार को एक बार फिर यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा। यात्रियों ने टिकट काउंटर पर एयरलाइन कर्मचारियों से बहस की और उड़ान की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
यात्रियों के मुताबिक, उन्हें उड़ान के समय को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही थी। इसी दौरान एक यात्री ने कर्मचारियों से कहा कि मैनेजर को बुलाया जाए, नहीं तो बाद में किसी नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा। यात्रियों ने एयरपोर्ट की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए।
यात्रियों का कहना था कि कम से कम अंदर बैठने की जगह दी जाए। करीब 70 से 80 लोग तेज धूप में बाहर बैठने को मजबूर रहे। इससे यात्रियों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

जालंधर से पहुंचे एक यात्री ने बताया कि एयरपोर्ट पहुंचने के बाद उन्हें जानकारी दी गई कि उनकी उड़ान रात करीब 11 बजे रवाना होगी, जबकि निर्धारित समय सुबह 8:40 बजे था।
एयरपोर्ट की व्यवस्था पर यात्री भड़के यात्री ने बताया कि जब उन्होंने स्टाफ से कम से कम अंदर बैठने देने की मांग की तो स्टाफ ने हंसकर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि करीब 70 से 80 यात्री तेज धूप में बाहर बैठने को मजबूर हैं। सभी काफी परेशान हैं। यात्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पंजाब के किसी बस स्टैंड का हाल भी इतना खराब नहीं है, जितना अमृतसर एयरपोर्ट का बना हुआ है।
एक दिन पहले भी 18 घंटे लेट हुई थी उड़ान
एक दिन पहले भी अमृतसर से दुबई जाने वाली स्पाइसजेट की उड़ान करीब 17 से 18 घंटे लेट हुई थी। उस दौरान भी यात्रियों ने टिकट काउंटर पर हंगामा किया था और रिफंड या वैकल्पिक उड़ान की मांग उठाई थी। यात्रियों ने एयरलाइन पर देरी की स्पष्ट जानकारी नहीं देने और पर्याप्त इंतजाम नहीं करने के आरोप लगाए थे। लगातार दूसरे मामले के सामने आने से एयरपोर्ट पर यात्रियों को दी जाने वाली सुविधाओं और एयरलाइन की सूचना व्यवस्था सवालों के घेरे में है।
यात्री ने कर्मचारी को क्या कहा, 2 पॉइंट में पढ़िए..
अपने मैनेजर को बुलाइए, समाधान करवाइए: यात्री ने कर्मचारी से कहा कि हम आपका कोई नुकसान नहीं करना चाहते, न ही हमें मजबूर करें। अपने मैनेजर को बुलाइए और हमारी फ्लाइट का समाधान करवाइए। ठीक है या फिर हमें जो सुविधाएं मिलती हैं, वो दीजिए।
नुकसान के लिए हम जिम्मेदार नहीं होंगे: अगर आपका कोई नुकसान हो गया तो हम इसके लिए जिम्मेदार नहीं होंगे। हम एक घंटे से आपको कह रहे हैं कि मैनेजर को बुलाइए, लेकिन आप हंसकर हमें टालने की कोशिश कर रहे हैं। हमारी बात भी नहीं सुन रहे। अगर 10 मिनट में आपका मैनेजर नहीं आया और आपका नुकसान हुआ, तो इसके जिम्मेदार आप लोग होंगे।
