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उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी, बदरीनाथ-केदारनाथ और हेमकुंड साहिब बर्फ की चादर में ढके

रुद्रप्रयाग

रविवार को रुद्रप्रयाग और चमोली जनपद में अचानक आए बदलाव के चलते केदारनाथ-बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, गौरसों सहित ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई। इससे दोनों धाम में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है।

वहीं दोनों जनपदों के घाटी वाले क्षेत्रों में बारिश से मौसम ठंडा हो गया। ठंड का प्रकोप बढ़ते ही लोगों को दोबारा गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा।

वहीं पिछले तीन-चार दिन से धधक रहे जंगलों को वर्षा से राहत मिली है। चारो ओर छाया आग का धुआं भी काफी हद तक छंट गया है। इससे स्थानीय लोगों के साथ ही आग बुझने से जुटे वनकर्मियों ने राहत की सांस ली है।

रविवार सुबह से ही केदारनाथ धाम में बादल छाए रहे और मौसम बदला-बदला नजर आया। दोपहर बाद अचानक बर्फबारी शुरू हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में ठंडक बढ़ गई।

हालांकि धाम में करीब एक से दो इंच तक ही बर्फ जमी, लेकिन तापमान में गिरावट के कारण कड़ाके की ठंड महसूस की गई।

रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय समेत अन्य घाटी क्षेत्रों में हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे मौसम में ठंडक लौट आई। ऊंचाई वाले क्षेत्रों तुंगनाथ, मध्यमेश्वर में भी हल्की बर्फबारी हुई, जिससे पूरे क्षेत्र में सर्दी का असर बढ़ गया है।

वहीं चमोली जिले में दोपहर बाद हेमकुंड, बदरीनाथ, गौरसों सहित ऊंची चोटियों पर बर्फबारी और निचले इलाकों में वर्षा हुई।

कई दिनों बाद हुई वर्षा के चलते काश्तकारों के चेहरे भी खिल उठे हैं। काश्तकारों का कहना है कि यह वर्षा फसलों के साथ ही जंगलों में लगी आग बुझने में मददगार होगी।

जिले में छाई धुंध भी वर्षा से साफ हो गई है। जिले के मंडल घाटी, निजमुला घाटी, देवाल, कर्णप्रयाग सहित अन्य क्षेत्रों में लगी आग भी वर्षा के चलते बुझ गई है। इसके चलते वन विभाग ने भी राहत की सांस ली है।

 

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