स्मार्ट मीटर विवाद गहराया, जांच रिपोर्ट और लैब की मान्यता पर घमासान

लखनऊ

 स्मार्ट मीटर की जांच मामले में नियामक आयोग ने मध्यांचल एमडी को नोटिस जारी करके दस दिनों में जवाब मांगा है। यह नोटिस नियामक आयोग में दर्ज शिकायत पर जारी किया गया है, जिसमें कहा गया था कि मध्यांचल की हाईटेक लैब के पास स्मार्ट मीटर जांचने का लाइसेंस नहीं है। आयोग ने इस पर मध्यांचल से स्पष्टीकरण मांगा है।

स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता को लेकर आ रहीं शिकायतों की जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पावर कॉरपोरेशन ने चार सदस्यीय जांच समिति बनाई थी। मीटरों की जांच मध्यांचल की हाईटेक लैब में हुई और मीटरों की गुणवत्ता पर अंतरिम रिपोर्ट भी सरकार को दे दी गई। इसके बाद सवाल उठे कि यह लैब तो स्मार्ट मीटर की जांच करने के लिए अधिकृत ही नहीं है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इस पर नियामक आयोग में शिकायत की कि लैब के पास एनएबीएल द्वारा इंडियन स्टैंडर्ड 16444 (स्मार्ट मीटर) की जांच का लाइसेंस नहीं है। ऐसे में गंभीर सवाल है कि स्मार्ट मीटर की जांच कैसे की गई? उपभोक्ता परिषद ने कहा कि सभी मीटरों में एक समान पैरामीटर तो लैब में जांचे जा सकते हैं, लेकिन स्मार्ट मीटर के संवेदनशील पैरामीटर की जांच नहीं हो सकती।

स्मार्ट मीटर पर लगातार घेर रहा विपक्ष
बता दें कि स्मार्ट मीटर की गड़बड़ियों पर उत्तर प्रदेश में विपक्ष भी लगातार सरकार को घेर रहा है। खासतौर से समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव इस पर सवाल उठा रहे हैं। प्रदेश के फतेहपुर जिले में गुरुवार को समाजवादी पार्टी पार्टी लोहिया वाहिनी के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित नौ सूत्रीय ज्ञापन भेजकर समस्याओं के समाधान की मांग की। सपा लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष मो.आजम खान की अगुवाई में अन्य फ्रंटल संगठनों के कई कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे थे।

पोस्टपेड किए गए स्मार्ट मीटर
वहीं सरकार के आदेश के बाद अब प्रदेश में प्रीपेड स्मार्ट मीटरों को पोस्ट पेड किए जाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। अलीगढ़ में बिजली विभाग ने सभी स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड मोड में अपडेट कर दिया है। अब उपभोक्ताओं को पहले की तरह हर महीने बिजली का बिल मिलेगा और उसी आधार पर भुगतान करना होगा। जून के शुरुआती हफ्ते में स्मार्ट पोस्टपेड मीटर का पहला मासिक बिल जारी किया जाएगा जिसमें बिजली उपयोग का विवरण भी होगा। बिजली विभाग की ओर से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक शिविर लगाकर उपभोक्ताओं को नई व्यवस्था की जानकारी दी जा रही है।

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