विदिशा
केन्द्रीय कृषि मंत्री और विदिशा सांसद शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) एक ओर जहां जनसेवा से जुड़े अपने कदमों को लेकर चर्चा में हैं, वहीं दूसरी ओर उन्होंने संसदीय बहस और विपक्ष के रुख पर भी टिप्पणी की है. शिवराज सिंह चौहान एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को लेकर सुर्खियों में हैं. उन्होंने दिव्यांग पन्नालाल को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल भेंट कर न सिर्फ अपना वादा निभाया, बल्कि उनके आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में एक अहम कदम भी बढ़ाया.
शिवराज बोले: जो भाई बहन परेशान हैं उनकी मदद करनी चाहिए
पन्नालाल को मोटराइज्ड साइकिल भेंट करने के पहले शिवराज ने कहा मैं मानता हूं हम सब एक परिवार हैं परिवार के वो भाई-बहन जो पीछे रह गए, कोई कष्ट परेशानी है तो मदद करनी चाहिए। चार-पांच दिन पहले मैं विदिशा गया था तो मैंने पन्नालाल को देखा था वे खजूर हाथ में उठाकर मेरी गाड़ी तरफ दौड़ पडे़ थे। मैं उनके पास गया, तब मन में यह भाव पैदा हुआ कि गरीबी और परिस्थितियों के कारण कई साथी जिंदगी कष्ट में गुजारते हैं।
क्या है मामला?
कुछ दिन पहले विदिशा प्रवास के दौरान शिवराज सिंह चौहान की मुलाकात पन्नालाल से हुई थी. बातचीत के दौरान पन्नालाल ने चलने-फिरने और दैनिक कार्यों में होने वाली कठिनाइयों के बारे में बताया था. उसी समय शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था. अपने वादे को निभाते हुए शिवराज सिंह चौहान ने आज पन्नालाल को अपने निवास पर उन्हें मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल भेंट की. इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, पन्नालाल बेहतर जीवन जिएं, आत्मनिर्भर बनें और उन्हें किसी प्रकार का कष्ट न हो यही ईश्वर से प्रार्थना है.
पन्नालाल से दोस्ती हुई तो उन्होंने मोटराइज्ड साइकिल मांगी थी शिवराज ने कहा- पन्नालाल से मैंने दोस्ती कर ली। दोस्ती के बाद उन्होंने एक ही बात कही कि चलने फिरने में दिक्कत होती है तो मुझे एक मोटराइज्ड साइकिल दे दो। दोस्त के लिए तो करना ही पड़ता है।
ट्रेन से गंजबासौदा पहुंचे शिवराज अपने संसदीय क्षेत्र के गंजबासौदा ट्रेन से पहुंचे। सफर के दौरान उन्होंनें यात्रियों से चर्चा की। बच्चों और युवाओं के साथ सेल्फी निकलवाई।
वीबी – जी राम जी पर राहुल को घेरा
शिवराज सिंह चौहान ने इस मुद़्दे पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि "गजब के ज्ञानी हैं राहुल जी! वीबी – जी राम जी पर दोनों सदनों में देर रात तक घंटों चर्चा हुई. पक्ष और विपक्ष ने हर पहलू पर गंभीर बहस की. देश देख रहा था, सुन रहा था. लेकिन उस समय नेता प्रतिपक्ष विदेश भ्रमण में व्यस्त थे. अब अधिनियम पर कांग्रेस संग्राम का नाटक कर रही है, जबकि स्वयं नेता प्रतिपक्ष को अभी तक बिल का नाम तक ज्ञात नहीं. सुना है, कल एक दिन के मज़दूर भी बने थे राहुल जी; गमछा कोई और पहना रहा था, और कुदाल कैसे उठानी है, यह खड़गे जी समझा रहे थे. धन्य हैं आप राहुल जी, और धन्य है आपकी 'प्रखर बुद्धि'! आपके इसी अद्भुत ज्ञान के सहारे कांग्रेस का परम कल्याण सुनिश्चित है."

