किसानों को लाभ पहुंचाने वाली योजना पास: 1 लाख सोलर पंप और 25 हजार करोड़ रुपये का ऋण प्रावधान, आबकारी नीति को हरी झंडी

भोपाल 

मध्य प्रदेश की मोहन सरकार आज विधानसभा में ₹4.65 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट पेश कर रही है। क्या युवाओं को मिलेगी पक्की नौकरी? क्या किसानों और महिलाओं के लिए खुलेगा सरकारी खजाना? विकास की सौगात से लेकर स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश तक, बजट की हर बड़ी घोषणा और उसका आपकी जेब पर होने वाला सीधा असर देखिए हमारे इस लाइव ब्लॉग में। विधानसभा से हर पल की सटीक और सबसे तेज अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहें।

जन धन योजना: 4.61 करोड़ खातों के साथ वित्तीय समावेशन

वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री जन धन योजना की सफलता का उल्लेख करते हुए बताया कि मध्य प्रदेश में अब तक 4 करोड़ 61 लाख खाते खोले जा चुके हैं। इसने बैंकिंग सेवाओं को गरीब से गरीब व्यक्ति तक पहुंचाने का काम किया है।

श्रम विभाग के लिए 1 हजार 335 करोड़ का प्रावधान- वित्त मंत्री

वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा- सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित किया है। इस बजट का उद्देश्य मजदूरों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों और गरीब वर्ग को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत अब तक राज्य में 4 करोड़ 61 लाख से ज्यादा खाते खोले जा चुके हैं। इससे बड़ी संख्या में लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा गया है।

वहीं, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में अब तक 3 करोड़ 64 लाख लोगों का पंजीयन हो चुका है। इस योजना के तहत दुर्घटना की स्थिति में बीमा सुरक्षा दी जाती है।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से भी बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं। इस योजना में अब तक 1 करोड़ 54 लाख से ज्यादा लोगों ने पंजीयन कराया है, जिससे उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है।

शिक्षा के लिए खास
बजट में शिक्षा के लिए स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। वहीं, छात्रवृत्ति के लिए 986 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

किसानों को लिए ये भी

  •     पीएम फसल बीमा योजना के लिए 1,299 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
  •     सीएम कृषक उन्नति योजना के लिए 5,500 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
  •     किसानों को 337 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
  •     वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया गया है।
  •     6.69 लाख किसानों को 337 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जाएगी।
  •     1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।

श्रम विभाग को मिले ₹1335 करोड़, श्रमिकों का होगा कल्याण

असंगठित और संगठित क्षेत्र के श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए श्रम विभाग के बजट में ₹1,335 करोड़ का प्रस्ताव रखा गया है। यह राशि श्रमिकों के कल्याण, उनके अधिकारों की सुरक्षा और विभिन्न सहायता योजनाओं पर खर्च की जाएगी।

जनजातीय विकास: 11,277 गांवों के लिए ₹793 करोड़

जनजातीय क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार ने विशेष बजट आवंटित किया है। जनजातीय क्षेत्रों के 11,277 गांवों के विकास के लिए ₹793 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसका सीधा लाभ पिछड़े और दुर्गम क्षेत्रों के निवासियों को मिलेगा।

ग्रामीण सड़कों का जाल: ₹21,630 करोड़ की मंजूरी

ग्रामीण कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने 'मुख्यमंत्री मजरा–टोला सड़क योजना' के तहत ₹21,630 करोड़ की भारी-भरकम राशि को मंजूरी दी है। इससे प्रदेश के दूर-दराज के इलाकों को मुख्य सड़कों से जोड़ा जा सकेगा।
मत्स्य पालन क्षेत्र के लिए ₹412 करोड़ का फंड

नीली क्रांति को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने मत्स्य उत्पादन क्षेत्र में ₹412 करोड़ के निवेश का प्रावधान किया है। इससे न केवल मत्स्य पालकों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था में इस सेक्टर की हिस्सेदारी भी बढ़ेगी।

'देश का तीसरा युवा प्रदेश' बनेगा आत्मनिर्भर

मध्य प्रदेश की जनसांख्यिकी का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि हम देश के तीसरे सबसे युवा प्रदेश हैं। उन्होंने संकल्प दोहराया कि युवाओं के कौशल विकास और स्वरोजगार के लिए सरकार कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी। युवाओं को सशक्त बनाने के लिए बजट में विशेष प्रावधानों का खाका खींचा गया है।

सिंहस्थ 2028 के लिए 'विशेष फंड' का प्रावधान

उज्जैन में होने वाले आगामी सिंहस्थ कुंभ के लिए सरकार ने अभी से तैयारी तेज कर दी है। चूंकि केंद्र सरकार के बजट में इसके लिए अलग से राशि नहीं मिली थी, इसलिए राज्य सरकार ने अपने बजट में सिंहस्थ से जुड़े बुनियादी ढांचे के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। वित्त मंत्री ने लक्ष्य रखा है कि आयोजन से जुड़े अधिकांश बड़े निर्माण कार्य वित्त वर्ष 2026-27 में ही पूरे कर लिए जाएं।

किसान सम्मान निधि और कल्याण योजना से ₹12,000 की मदद

वित्त मंत्री ने खेती को लाभ का धंधा बनाने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में किसान परिवारों को 'किसान सम्मान निधि' और 'मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना' के संयोजन से प्रति वर्ष कुल ₹12,000 की नकद सहायता दी जा रही है। इससे छोटे और सीमांत किसानों को खाद-बीज की खरीद में सीधी मदद मिल रही है।

सोयाबीन के लिए किसानों को करोड़ों का भुगतान

जगदीश देवड़ा ने कहा, ''मध्य प्रदेश देश का तीसरा सबसे युवा प्रदेश है. मध्य प्रदेश में युवाओं की बड़ी संख्या है. प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में हमारी सरकार जैविक एवं प्राकृतिक खेती को प्रस्थान तथा पोस्ट हार्वेस्ट कार्रवाई प्रबंधन जैसी गतिविधियों द्वारा कृषि कार्य के प्रत्येक चरण में किसानों के साथ हमारी सरकार खड़ी है. इसके साथ ही किसानों के लिए मुख्यमंत्री किसान सम्मन निधि तथा शून्य ब्याज पर कृषि दिन जैसी आर्थिक समर्थन की योजनाएं भी प्रचलित है कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए सिंचाई की आवश्यकता सर्वोपरि है. किसानों को स्थाई सिंचाई पंप कनेक्शन की योजना अंतर्गत 125000 ट्रांसफार्मर स्थापित है.

सिंचाई के लिए ऊर्जा की निर्माण आपूर्ति के सुधार करने के लिए प्रधानमंत्री कृषक सूर्यमित्र योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में रुपए 3000 करोड़ की लागत से 11 सोलर सिंचाई पंप किसानों को उपलब्ध कराया जाना लक्षण है. हमारी सरकार किसानों के लिए कृषि उद्यानिकी पशुपालन तथा मत्स्य पालन आदि को मूल्य संवर्धन से जोड़कर रोजगार के व्यापक अवसर सूचित कर रही है. प्रधानमंत्री किसान सम्मन निधि अंतर्गत किसान परिवारों को रुपए 6000 प्रतिवर्ष की आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है.

हमारी सरकार द्वारा भी मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना अंतर्गत 12000 रुपए प्रति वर्ष का लाभ दिया जा रहा है. भावांतर योजना के अंतर्गत सोयाबीन के लिए 6 लाख 44000 किसानों को करोड़ों रुपए का भुगतान किया गया है. भावांतर योजना के सप परिणाम से प्रभावित होकर अन्य प्रदेशों द्वारा भी योजना में रुचि दिखाई गई है. हमने विगत बजट भाषण में मुख्यमंत्री कृषक उन्नति योजना प्रारंभ करने की घोषणा की थी. इसके अंतर्गत किसानों को स्थिति की संतुलन हेतु सहायक फैसले लेने पर राज्य सरकार द्वारा विशेष प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है.''

अन्नदाताओं के लिए बड़ी सौगात: 1 लाख सोलर पंप

किसानों के लिए मोहन सरकार ने अपना खजाना खोल दिया है। सिंचाई की समस्या को दूर करने और खेती की लागत कम करने के लिए ₹3,000 करोड़ की लागत से 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। यह कदम न केवल बिजली की बचत करेगा, बल्कि किसानों को दिन में भी सुचारू सिंचाई की सुविधा प्रदान करेगा।

मोहन सरकार का बड़ा लक्ष्य: 'हर हाथ को काम'

बजट भाषण की शुरुआत करते हुए वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस बजट का मूल उद्देश्य मध्य प्रदेश के हर हाथ को काम देना और युवाओं को रोजगार के नए अवसरों से जोड़ना है। सरकार कौशल विकास और नए उद्योगों को प्रोत्साहन देकर बेरोजगारी दर को कम करने के लिए विशेष रोडमैप पेश कर रही है।

आबकारी नीति को दी मंजूरी

    मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक खत्म
    कैबिनेट की बैठक में मध्य प्रदेश आबकारी नीति को दी गई मंजूरी.
    मध्य प्रदेश में कोई भी नई शराब की दुकान नहीं खोली जाएगी
    पांच दुकानों का एक समूह बनाकर होगी नीलामी
    20% अधिक दर पर ई नीलामी होगी

क्या होता है रोलिंग बजट?

इस प्रणाली में हर साल या तय अवधि के बाद आगे की अवधि को जोड़ते हुए बजट को लगातार अपडेट किया जाता है। सरल शब्दों में कहा जाए तो बजट एक बार बनाकर छोड़ नहीं दिया जाता, बल्कि हर साल नई परिस्थितियों और जरूरतों के अनुसार उसमें बदलाव किया जाता है और आगे के वर्ष जोड़े जाते रहते हैं।

उदाहरण के तौर पर, यदि सरकार ने 2026–27, 2027–28 और 2028–29 का तीन साल का बजट बनाया है, तो 2027–28 आते ही 2026–27 की अवधि बजट से हट जाएगी और उसकी जगह नया वर्ष 2029–30 जोड़ दिया जाएगा। इस तरह बजट हमेशा आने वाले तीन वर्षों के लिए तैयार और अद्यतन रहता है।

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