शराबबंदी मामले में रिकॉर्ड टूटा, पटना हाईकोर्ट से एक दिन में 463 लोगों को बेल!

पटना.

पटना हाईकोर्ट से बीते सोमवार (19 जनवरी, 2026) को 463 लोगों को जमानत दी गई. शराबबंदी कानून से जुड़े मामले में कोर्ट की ओर से यह जमानत दी गई है. सोमवार को जस्टिस रुद्र प्रकाश मिश्रा की एकल पीठ ने शराब से संबंधित कुल 508 मामलों की सुनवाई की.

रुद्र प्रकाश मिश्रा की बेंच ने खराब कार्यान्वयन और छोटी मात्रा में शराब मिलने पर भी लंबी जेल अवधि को देखते हुए यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया, जिससे अदालतों पर बोझ कम हुआ. रिकॉर्ड 30 सेकेंड प्रति मामले की गति से सुनवाई हुई. दूसरी ओर पटना हाईकोर्ट ने एक ही दिन में 463 जमानत मंजूर कर एक नया रिकॉर्ड बनाया. ये सभी मामले बिहार में लागू शराबबंदी कानून से जुड़े थे.

पहले 300 के करीब था जमानत का रिकॉर्ड
कोर्ट ने पाया कि कानून का क्रियान्वयन ठीक से नहीं हो रहा है और छोटी मात्रा में शराब मिलने पर भी आरोपी लंबे समय तक जेल में रहते हैं, जिससे अदालतों पर बोझ बढ़ रहा है. इस सुनवाई में लगभग हर मामले का निपटारा औसतन 30 सेकेंड में किया गया, जो कि एक अभूतपूर्व गति थी. पहले एक दिन में 300 के करीब जमानत दी जा चुकी है. अब 463 के साथ यह रिकॉर्ड टूट गया है. जस्टिस रुद्र प्रकाश मिश्रा ने हैरानी जताई कि शराब की बहुत छोटी मात्रा बरामद होने पर भी लोगों को लंबे समय तक सलाखों के पीछे रहना पड़ रहा है.

'मापदंडों की समीक्षा होनी चाहिए'
सुनवाई के दौरान अदालत ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि शराबबंदी के मामलों में जेल भेजने के मापदंडों की समीक्षा होनी चाहिए. कोर्ट ने कहा कि मामूली बरामदगी के बावजूद आरोपियों को जेल में रखना चिंताजनक है. इस रिकॉर्ड सुनवाई ने ये मैसेज दिया है कि कानूनों का बोझ आम जनता और न्यायपालिका पर संतुलित होना चाहिए, ताकि निर्दोष या छोटे अपराधियों को अनावश्यक परेशानी न हो. इसके साथ ही अदालत की ओर से मामलों के त्वरित निपटारे के लिए सहायक लोक अभियोजकों के प्रयासों की जमकर तारीफ की गई.

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *