पंजाब
पंजाब पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ मिलकर एक बड़े संयुक्त ऑपरेशन में पाकिस्तान से जुड़े सीमा पार ड्रग तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस सफलता में 24.5 किलोग्राम हेरोइन, 21 लाख रुपए की ड्रग मनी, एक मल्टी-कॉप्टर ड्रोन और दो कारें जब्त की गई हैं। तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पंजाब पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने रविवार को यहां जारी बयान में बताया कि गहन तकनीकी जांच और खुफिया जानकारी के आधार पर यह ऑपरेशन अंजाम दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमृतसर जिले के नूरवाल गांव निवासी जगजीत सिंह उर्फ राणा, औलख खुर्द गांव के मनप्रीत सिंह उर्फ प्रीत और धूपसरी गांव के रोशन सिंह के रूप में हुई है।
जांच में इनके पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से सीधे संपर्क होने का खुलासा हुआ है। डीजीपी ने कहा कि इस नेटवर्क को सफलतापूर्वक खत्म कर दिया गया है और आगे-पीछे के लिंकेज की तलाश जारी है।
एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के पुलिस अधीक्षक (एसपी) गुरप्रीत सिंह ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि ऑपरेशन दो चरणों में पूरा हुआ। पहले चरण में 12.1 किलोग्राम हेरोइन के साथ एक मल्टी-कॉप्टर ड्रोन बरामद किया गया, जिसका इस्तेमाल पाकिस्तान से खेप भेजने के लिए किया जाता था। ड्रोन के फोरेंसिक विश्लेषण, जिसमें तकनीकी डेटा, जीपीएस लोकेशन, अक्षांश-देशांतर और टावर डंप शामिल थे, के आधार पर मनप्रीत सिंह के घर से अतिरिक्त 12.4 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई। कुल बरामदगी 24.5 किलोग्राम हो गई।
एसपी गुरप्रीत सिंह ने कहा कि आरोपी जगजीत राणा ने ड्रग मनी से हाल ही में पॉश इलाकों में संपत्तियां खरीदी हैं और उसे महंगी कारों का भी शौक था। जब्त की गई कारों में एक महिंद्रा थार एसयूवी भी शामिल है, जिसका इस्तेमाल नशीले पदार्थों की डिलीवरी के लिए किया जा रहा था। जांच में पता चला है कि ये आरोपी सीमा पार से ड्रोन के जरिए हेरोइन मंगवाते थे और फिर पंजाब के विभिन्न इलाकों में बेचते थे।
इस मामले में एएनटीएफ पुलिस स्टेशन, एसएएस नगर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(सी), 23 और एयरक्राफ्ट एक्ट की धारा 25, 26 और 29 के तहत एफआईआर संख्या 43 (दिनांक 2 मार्च 2026) दर्ज की गई है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि ड्रग तस्करी में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

