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एशियाई हॉकी चैंपियनशिप की मेज़बानी पंजाब को, बैडमिंटन की मेज़बानी भी मिली: सीएम भगवंत मान

जालंधर 

पंजाब में पहली बार हॉकी के इंटरनेशनल मुकाबलों की मेजबानी करेगा। पुरुषों के एशियन चैंपियनशिप हॉकी टूर्नामेंट की पंजाब मेजबानी करेगा। यह दावा पंजाब के सीएम भगवंत मान ने चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेंस में किया।
उन्होंने कहा कि इस मुकाबले में एशियन खेलों की टॉप छह टीमें इसमें खेलेंगी। पूरी उम्मीद है भारत इसमें रहेगा। 26-27 अक्टूबर को पहली बार मैच होगा। सारे मुकाबले मोहाली व जालंधर में होंगे।

इससे पहले 1997 में पाकिस्तान के साथ जालंधर में टेस्ट मैच हुआ था। कल सारी चीजों को चेक टीम कर गई है। वहीं, हॉकी की टीम ने हमें ऑफर दिया है कि आप हर साल एक 4 नेशन टूर्नामेंट करवा सकते हैं।

इसे वह अपने हॉकी टूर्नामेंट में रख लेंगे। बैडमिंटन अंडर 13 राष्ट्रीय मुकाबलों की मेजबानी पंजाब को 44 साल बाद मिली है। यह मुकाबले जालंधर में होगा।

जालंधर व मोहाली में होंगे एशिया कप हॉक मैच
खेलों के क्षेत्र का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय बाद पंजाब को एशिया कप हॉकी प्रतियोगिता की मेजबानी मिलने जा रही है। यह मुकाबले जालंधर के बल्टन पार्क मैदान और मोहाली में आयोजित होंगे। उन्होंने कहा कि इससे पंजाब की खेल परंपरा को नई पहचान मिलेगी और युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अमृतसर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का नया क्रिकेट मैदान बनाया जाएगा। उनका कहना था कि राज्य में खेल ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार निवेश कर रही है और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार आने से पहले राज्य में नहरों के पानी का उपयोग लगभग 21 से 22 प्रतिशत तक ही सीमित था, जबकि अब यह बढ़कर 70 प्रतिशत से अधिक हो गया है। इसके लिए नहर प्रणाली को मजबूत बनाने पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने रोजगार के मुद्दे पर कहा कि पिछले चार वर्षों में करीब 65 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। साथ ही उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए निवेश आकर्षित किया गया है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, चैंपियनशिप में भारत, पाकिस्तान, मलेशिया, जापान, दक्षिण कोरिया और चीन की टीमों के साथ-साथ अन्य क्वालीफाइंग टीमें भी भाग लेंगी। आधे मैच जालंधर में खेले जाएंगे, जबकि शेष मैच मोहाली में होंगे।

इस आयोजन से राज्य की खेल संस्कृति को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। जालंधर, जो अपने समृद्ध खेल सामग्री उद्योग और हॉकी की विरासत के कारण एक खेल केंद्र के रूप में जाना जाता है, इस टूर्नामेंट की मेजबानी करके एक बार फिर सुर्खियों में आ जाएगा।

इस बीच, बर्लटन पार्क में विकास कार्य 78 करोड़ रुपये की लागत वाली एक चल रही खेल केंद्र परियोजना का हिस्सा है। आगामी चैंपियनशिप से न केवल अंतरराष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिताओं के साथ पंजाब के जुड़ाव को पुनर्जीवित करने की उम्मीद है, बल्कि इससे पूरे क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलने की संभावना है।

 

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