चंडीगढ़
पंजाब बजट 2026-27 में महिलाओं के लिए बड़ी घोषणा की गई है। आयकर रिटर्न दाखिल नहीं करने वाली पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1000 की आर्थिक सहायता देने का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार का लक्ष्य महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाना और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना है।
बजट में महिलाओं के लिए बड़ी योजना
पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अहम घोषणा की है। सरकार ने प्रस्ताव रखा है कि राज्य की पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह सहायता विशेष रूप से उन महिलाओं को लक्षित करेगी जो आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल नहीं करतीं, यानी कम आय या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से जुड़ी महिलाएं इस योजना के दायरे में आ सकती हैं।
बजट का उद्देश्य आर्थिक सुरक्षा बढ़ाना
सरकार का कहना है कि इस योजना का मकसद महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना और उन्हें वित्तीय सुरक्षा देना है। राज्य सरकार इसे सामाजिक कल्याण कार्यक्रम के रूप में लागू करने की तैयारी कर रही है, जिससे बड़ी संख्या में महिलाओं को सीधे बैंक खातों में आर्थिक सहायता मिल सके। इससे परिवारों की आय में सहयोग मिलेगा और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी भी बढ़ेगी।
चुनावी वादे को पूरा करने की दिशा
यह योजना आम आदमी पार्टी द्वारा 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए प्रमुख वादों में से एक थी। उस समय घोषणा की गई थी कि राज्य की 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता दी जाएगी। अब 2026-27 के बजट में इस वादे को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।
पात्रता और संभावित दायरा
सरकारी सूत्रों के अनुसार योजना का लाभ मुख्य रूप से उन महिलाओं को मिल सकता है जो आयकर दाता नहीं हैं। इससे आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्ग की महिलाओं को प्राथमिकता मिलने की संभावना है। राज्य में महिला मतदाताओं की संख्या बड़ी होने के कारण यह योजना लाखों महिलाओं को प्रभावित कर सकती है।
बजट में सामाजिक योजनाओं पर फोकस
पंजाब सरकार के 2026-27 के बजट में सामाजिक कल्याण योजनाओं को प्रमुखता दी गई है। महिलाओं के लिए मासिक सहायता के अलावा शिक्षा, रोजगार, कृषि और बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यक्रमों पर भी जोर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इन पहलों से राज्य में समावेशी विकास को बढ़ावा मिलेगा और कमजोर वर्गों को आर्थिक सहारा मिलेगा। पंजाब बजट 2026 में महिलाओं के लिए प्रस्तावित मासिक सहायता योजना को राज्य की महत्वपूर्ण सामाजिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को सीधा लाभ मिलने की संभावना है और महिला सशक्तिकरण की दिशा में इसे एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

