अमृतसर
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) का वार्षिक बजट सत्र 28 मार्च को दोपहर 12 बजे तेजा सिंह समुद्री हॉल में आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी एसजीपीसी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने अमृतसर स्थित मुख्य कार्यालय में अंतरिंग कमेटी की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी। धामी ने बताया कि इस सत्र में सेक्शन 85 के अंतर्गत आने वाले गुरुद्वारों, ट्रस्टों और शैक्षणिक संस्थानों के साथ-साथ सेक्शन 87 के गुरुद्वारों के बजट पेश किए जाएंगे। इसके अलावा धर्म प्रचार कमेटी, सिख इतिहास बोर्ड, प्रिंटिंग प्रेस और अन्य संस्थाओं की आय-व्यय का विवरण भी रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी के मामलों को रोकने के लिए सख्त और अलग कानून बनाना जरूरी है। धामी ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब को गुरता गद्दी प्राप्त है और इसकी बेअदबी के मामले सामने आ रहे हैं, इसलिए केंद्र और राज्य सरकारों को इस मुद्दे पर गंभीर कदम उठाने चाहिए। एसजीपीसी अध्यक्ष ने यह भी कहा कि कई परीक्षा केंद्रों पर सिख विद्यार्थियों को ककार उतारने के लिए मजबूर किया जाता है, जो धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन है। सरकारों को सिखों के धार्मिक प्रतीकों का पूरा सम्मान सुनिश्चित करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि सिख इतिहास के महान शहीद भाई तारा सिंह की 300वीं शहादत को समर्पित कार्यक्रम 11 से 14 मार्च तक आयोजित किए जाएंगे। 11 मार्च को नगर कीर्तन और 12 से 14 मार्च तक गुरमत समागम होंगे। पीटीसी के साथ समझौते के सवाल पर धामी ने कहा कि एसजीपीसी ने अब अपना यूट्यूब चैनल शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि पहले विभिन्न सैटेलाइट चैनलों से बातचीत हुई थी, लेकिन धार्मिक चैनल चलाने के लिए भारी खर्च मांगा जा रहा था, इसलिए एसजीपीसी ने अपना डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू करने का फैसला लिया।

