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दिवाली 2026 की तैयारियां शुरू, जानें कब है धनतेरस, नरक चतुर्दशी और भाई दूज

Diwali 2026: रोशनी, उमंग और हर्षोल्लास का प्रतीक पांच दिवसीय दीपोत्सव का महापर्व छह नवंबर से आरंभ होने जा रहा है। इस बार तिथियों के अंतर के कारण पर्वों की शृंखला लगातार नहीं मनेगी। पर्व की आहट से बाजारों में रौनक शुरू हो गई है। लोग खरीदारी कर रहे हैं।
दीपावली के पांच दिवसीय महापर्व की शुरुआत छह नवंबर को धनतेरस के पर्व के साथ होगी। इसके बाद तिथियों के उतार-चढ़ाव के कारण रूप चौदस और मुख्य दीपावली के पर्व की तिथियों को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और जिज्ञासा बनी हुई है।

पर्व की आहट से बाजारों में रौनक शुरू, लोग कर रहे हैं खरीदारी
त्योहारों के नजदीक आते ही बाजारों की रंगत पूरी तरह बदल गई है। सर्राफा बाजार, बर्तन बाजार, इलेक्ट्रॉनिक हब और वस्त्र दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। व्यापारी वर्ग भी ग्राहकों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है, उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार का दीपोत्सव व्यापार और उल्लास दोनों दृष्टियों से बेहद शानदार रहेगा।

इन तिथियों में मनेंगे त्योहार
ज्योतिषाचार्य अजय तैलंग बताते हैं कि धनतेरस का पर्व छह नवंबर को मनाया जाएगा। रूप चौदस (छोटी दीपावली) और दीपावली आठ नवंबर को मनाई जाएगी लेकिन सात नवंबर को भी कुछ लोग मनाएंगे। गोवर्धन पूजा व अन्नकूट 10 नवंबर को मनाया जाएगा। भाई दूज पर्व 11 नवंबर को मनाया जाएगा। धनत्रयोदशी की तिथि छह नवंबर को सुबह 10.31 बजे से सात नवंबर सुबह 10.48 बजे बजे तक रहेगी।

रूप चौदस की तिथि सुबह
रूप चौदस नरक चतुर्दशी की तिथि सात नवंबर सुबह 10.48 बजे से आठ नवंबर सुबह 11. 28 बजे तक रहेगी। दीपावली की तिथि आठ नवंबर, सुबह 11.28 बजे से नौ नवंबर दोपहर 12.32 बजे तक रहेगी। गोवर्धन पूजा अन्नकूट मंगलवार को मनाया जाएगा। तिथि नौ नवंबर को दोपहर 12.32 बजे 10 नवंबर दोपहर 2.01 बजे तक रहेगी। भाई दूज की तिथि 10 नवंबर दोपहर 2.01 बजे 11 नवंबर दोपहर 3.54 बजे तक रहेगी।

 

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