Headlines

मध्यप्रदेश में सियासी हलचल, जगदीश देवड़ा ने OSD दीपम रायचुरा को हटाया; रिश्वत के आरोपों की होगी जांच

भोपाल
 डेप्युटी सीएम जगदीश देवड़ा ने अपने ओएसडी दीपम रायचुरा को पद से हटा दिया है। साथ ही मामले में विभागीय जांच के निर्देश दिए गए हैं। दीपम रायचुरा पर शराब की दुकानों के ठेके को लेकर रिश्वत के आरोप लगे थे। डेप्युटी सीएम ने कहा कि ये आरोप जिस समय को लेकर लग रहे हैं, उस समय वे हमारे ओएसडी नहीं थे।

मेरे ओएसडी के रूप में कार्यरत नहीं थे
डेप्युटी सीएम जगदीश देवड़ा ने आरोपों पर कहा कि आज न्यूज के माध्यम से वर्ष 2024-25 में शराब ठेकों से संबंधित अनियमितताओं का मामला मेरे संज्ञान में आया है। इस अवधि में दीपम रायचुरा भोपाल में सहायक आबकारी अधिकारी के पद पर पदस्थ थे। उस समय वे मेरे OSD के रूप में कार्यरत नहीं थे।

जांच के दिए निर्देश
उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी मिलते ही मैंने संबंधित विभाग को शीघ्र जांच के निर्देश दिए हैं। जांच निष्पक्ष रूप से संपन्न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए दीपम रायचुरा को OSD के प्रभार से तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया है।

 मोहित गोगिया के कथित बयान में गंभीर आरोप
करीब 930 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में आरोपी मोहित गोगिया के नाम से प्रसारित बयान में दावा किया गया है कि वर्ष 2024-25 में भोपाल के टीटी नगर क्षेत्र की दो शराब दुकानों के ठेके जसवंत कुमार के नाम पर दिलाने में मदद की गई थी। कथित बयान में दीपम रायचूरा की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया गया है कि ठेके हासिल करने के लिए बैंक गारंटी के तौर पर इस्तेमाल की गई फर्जी एफडीआर को मंजूरी दिलाने में भी मदद की गई। बयान में कहा गया है कि ठेके दिलाने के बदले एक करोड़ रुपये दिए गए। इसमें 50 लाख रुपये नकद देने और बाकी 50 लाख रुपये आईएसबीटी क्षेत्र में होटल चलाने वाले एक व्यक्ति के बैंक खाते में ट्रांसफर करने का दावा किया गया है। कथित बयान में यह भी आरोप लगाया गया है कि दीपक दुबे के जरिए रकम ली गई थी। इसके अलावा बिना लाइसेंस शराब बिक्री में मदद किए जाने के दावे भी किए गए हैं। 

मुलाकात कराने और रकम देने का भी दावा
कथित बयान के अनुसार, वर्ष 2022-23 में तनुज सेठी ने गोगिया की मुलाकात रायचूरा से कराई थी। इसके बाद रायचूरा ने उसे दीपक दुबे से मिलवाया था। बयान में दावा किया गया है कि दुबे उनके कामकाज देखते थे।  फिलहाल उपमुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को जांच के निर्देश देने और ओएसडी को प्रभार से मुक्त करने की बात कही है। जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि शराब दुकानों के ठेकों, एफडीआर और कथित लेनदेन के संबंध में क्या तथ्य सामने आते हैं।

धोखाधड़ी के आरोपी ने लगाया था आरोपी
जांच एजेंसियों ने 1000 करोड़ रुपए के धोखाधड़ी के आरोपी मोहित गोगिया को गिरफ्तार किया है। गोगिया ने पूछताछ के दौरान डेप्युटी सीएम जगदीश देवड़ा के ओएसडी दीपम रायचुरा का नाम लिया था। उसने जांच एजेंसियों को बताया था कि शराब की दुकानों के ठेके लिए दीपम रायचुरा के आदमी को एक करोड़ रुपए दिए थे।

उठ रहे थे सवाल
इसे लेकर विपक्ष सरकार पर सवाल उठा रही थी। साथ ही जांच की मांग हो रही थी। पहले भी दीपम रायचुरा पर आरोप लग चुके हैं। अब सरकार से इस मामले को लंबा खींचने की जगह दीपम रायचुरा को तुरंत हटा दिया है। हालांकि रायचुरा इन आरोपों को खारिज कर रहे थे।

 

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *