‘समझौता वाली राजनीति’ पर सियासी संग्राम, Piyush Goyal का Rahul Gandhi पर बड़ा आरोप

नई दिल्ली
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस की 'कॉम्प्रोमाइज' राजनीति पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "राहुल गांधी दुनियाभर में भारत को नीचा दिखाने के लिए एआई समिट में बिना शर्ट के लोगों को भेजते हैं, तो यह भारत की छवि और हितों से 'कॉम्प्रोमाइज' करने की उनकी पारिवारिक विरासत को ही आगे बढ़ाता है।"

उन्होंने जवाहर लाल नेहरू पर आरोप लगाए कि उनके कार्यकाल में 1950 के दशक में भारत ने चीन को नाराज न करने के लिए स्थायी सीट ठुकराई। 1954 में भारत ने औपचारिक रूप से तिब्बत को चीन का हिस्सा स्वीकार किया। इसके अलावा, 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान खुफिया चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया, जिससे हार हुई। इस बारे में रिपोर्ट अभी भी गोपनीय है।

पीयूष गोयल ने राजीव गांधी पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनके अनुसार, बोफोर्स डील के समय रक्षा अनुबंध में कथित रूप से कमीशनखोरी और दस्तावेजित लीपापोती शामिल थी। यूनियन कार्बाइड (1984) के दौरान आरोपी वॉरेन एंडरसन को भारत छोड़ने की अनुमति दी गई। वहीं, विदेशी बिचौलिए का आरोप लगाते हुए कहा गया है कि रक्षा निर्णयों पर करीबी व्यक्तिगत संबंधों के माध्यम से प्रभाव डाला गया।

उन्होंने इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान विदेशी फंडिंग, कच्चातीवू और सिक्योरिटी के फैसले में 'कॉम्प्रोमाइज' के आरोप लगाए। सोनिया गांधी को लेकर उन्होंने दावा किया कि शैडो पावर यानी यूपीए के दौरान असली अथॉरिटी प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर काम करती थी। नेशनल हेराल्ड के मामले में पार्टी फंड का इस्तेमाल परिवार के कंट्रोल वाली एंटिटी को एसेट्स ट्रांसफर करने के लिए किया गया था। इसके अलावा, चीन और सोरोस नेटवर्क सहित विदेशी डोनर्स से जुड़े फाउंडेशन ने गंभीर चिंताएं पैदा कीं।

एक अन्य पोस्ट में पीयूष गोयल ने लिखा, "राहुल गांधी के भ्रामक बयानों पर भारी कांग्रेस का इतिहास। वो जितना भूलने की कोशिश करें, लेकिन भारत की जनता पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी से लेकर सोनिया गांधी की ओर से राष्ट्रहित के साथ बार-बार किए गए समझौते को भूल नहीं सकती।"

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *