चंडीगढ़.
नेपाल में आई बाढ़ से अब तक 724 लोगों की मौत हो चुकी है और 275 से अधिक भारतीय लापता हैं। 108 भारतीयों को बचाया जा चुका है और चीन में मौजूद करीब 900 भारतीय सुरक्षित हैं। इसी बीच चंडीगढ़ के लिए भी राहत की खबर आई है।
भगवान शिव के धाम कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गए चंडीगढ़ के सेक्टर-19 निवासी चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीएम) रचित गोयल और उनके 20 दोस्त सुरक्षित हैं। उनके लिए कैलाश मानसरोवर यात्रा जिंदगी का ऐसा अनुभव बन गई, जिसे वे कभी नहीं भूल पाएंगे। यात्रा के दौरान उनके एक साथी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। ऊंचाई पर सांस लेने में तकलीफ होने के कारण वह आगे बढ़ने की स्थिति में नहीं था। साथी की हालत को देखते हुए दल ने कैलाश पर्वत की चढ़ाई एक दिन के लिए टाल दी। बाद में उन्हें पता चला कि जिस दिन उन्होंने चढ़ाई स्थगित की थी, उसी दिन नेपाल में बड़ा हादसा हुआ था।

रचित गोयल के मुताबिक, अगर उस दिन उनका दल तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ गया होता तो परिस्थितियां बेहद गंभीर हो सकती थीं। रचित बताते हैं कि उन्हें आज भी वह पल याद है। जिस दिन नेपाल में घटना हुई, उसी दौरान उनके दल के 12 सदस्य कैलाश पर्वत की ओर चढ़ाई कर रहे थे, जबकि वे साथी की तबीयत खराब होने के कारण एक दिन पीछे रह गए थे। सांस लेने में परेशानी के कारण उनका साथी चलने में भी असमर्थ था। रचित गोयल कहते हैं कि यह महज संयोग नहीं, बल्कि भगवान शिव की कृपा थी कि उनके साथी की तबीयत उस समय खराब हुई और उन्हें एक दिन रुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि उस एक दिन की देरी ने उन्हें मौत के बेहद करीब जाने से बचा लिया। आज भी जब वे उस यात्रा को याद करते हैं तो उनके मन में यही भाव आता है कि भोलेनाथ ने ही उन्हें उस संकट से बचाया।
