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मोहाली में मतदाताओं की संख्या घटी, डेराबस्सी में सबसे ज्यादा 2.79 लाख वोटर

मोहाली
 विधानसभा क्षेत्र मोहाली जो कि पंजाब की सबसे अहम सीट मानी जाती है की मतदाता सूची में आए बदलाव ने चुनावी गणित को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद जारी अंतिम मतदाता सूची में मोहाली हलके में 2,02,010 मतदाता दर्ज किए गए हैं। यह संख्या 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान दर्ज 2,33,573 मतदाताओं से 31,563 कम है। वहीं, 2022 के विधानसभा चुनाव में हलके में 2,39,357 मतदाता थे। उस आंकड़े के मुकाबले मौजूदा सूची में 37,347 मतदाताओं का अंतर सामने आया है। जिले के खरड़ और डेराबस्सी विधानसभा क्षेत्रों के मुकाबले मोहाली हलके में पुराने चुनावी आंकड़ों और मौजूदा मतदाता सूची के बीच सबसे बड़ा अंतर दिखाई देता है।

मोहाली में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद वोटरों की संख्या 7.8% घट गई है। सोमवार को जारी अंतिम मतदाता सूची के मुताबिक जिले में अब 7,47,569 वोटर हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान यह संख्या 8,10,719 थी। इस हिसाब से 63,150 वोटरों की कमी आई है।

हालांकि यह हटाए गए वोटरों की वास्तविक संख्या नहीं है, क्योंकि अंतिम सूची में नए वोट भी जुड़े हैं। प्रशासन बाद में हटाए गए वोटरों का अंतिम आंकड़ा जारी करेगा। डिप्टी कमिश्नर-कम-जिला चुनाव अधिकारी कोमल मित्तल ने रोल ऑब्जर्वर मोहम्मद तैय्यब की मौजूदगी में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर अंतिम मतदाता सूची जारी होने की जानकारी दी। प्रतिनिधियों को मतदाता सूची की प्रतियां भी सौंपी गईं।

डेराबस्सी में सबसे ज्यादा वोटर अंतिम मतदाता सूची के मुताबिक, डेराबस्सी विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा 2,79,857 वोटर हैं। खरड़ में 2,65,702 और मोहाली में 2,02,010 वोटर दर्ज किए गए हैं। 13 अगस्त को जारी मसौदा मतदाता सूची में जिले के 7,00,719 वोटर थे। इनमें 3,62,751 पुरुष, 3,37,954 महिलाएं और थर्ड जेंडर के 14 वोटर शामिल थे। उस समय खरड़ में 2,46,922, मोहाली में 1,92,715 और डेराबस्सी में 2,61,082 वोटर थे। मसौदा सूची के मुकाबले अंतिम सूची में 46,850 वोटर बढ़े हैं।

84,795 वोटरों की नहीं हुई थी मैपिंग SIR के दौरान जिले में 84,795 ऐसे वोटर मिले, जिनकी मैपिंग नहीं हो पाई थी। इसके अलावा, 1,09,419 मामलों में तार्किक विसंगतियां मिली थीं। संबंधित वोटरों को नोटिस देकर जरूरी दस्तावेज जमा कराने और अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया। दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 13 अगस्त से 12 सितंबर तक थी।

25 जून से शुरू हुई थी प्रक्रिया नोटिस जारी करने और उनके निपटारे की प्रक्रिया 8 अक्टूबर तक चली। मोहाली जिले में SIR की प्रक्रिया 25 जून से शुरू हुई थी। 838 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को 8,54,423 वोटरों तक पहुंचकर गणना फॉर्म भरवाने और जानकारी का सत्यापन करने की जिम्मेदारी दी गई थी। बीएलओ ने 25 जून से 24 जुलाई तक घर-घर जाकर जानकारी जुटाई। इस दौरान अनुपस्थित, दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके, मृत और दोहरी एंट्री वाले वोटरों की जांच की गई।

नाम नहीं तो फॉर्म-6 भरकर बनवा सकते हैं वोट अंतिम मतदाता सूची में नाम नहीं होने पर पात्र व्यक्ति फॉर्म-6 भरकर नया वोट बनवा सकता है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करने के अलावा संबंधित बीएलओ या निर्वाचक रजिस्ट्रेशन अधिकारी के कार्यालय में भी संपर्क किया जा सकता है। एसआईआर के लिए अर्हता तिथि 1 अक्टूबर 2026 रखी गई थी।

 राजनीतिक दृष्टि से यह आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि मतदाता सूची बूथ स्तर पर राजनीतिक दलों की तैयारी, मतदाताओं तक पहुंच और चुनावी प्रबंधन का आधार होती है। हालांकि, मतदाताओं की संख्या में कमी के आधार पर किसी राजनीतिक दल के समर्थन या चुनावी नतीजों पर असर का अनुमान नहीं लगाया जा सकता। यहां एक महत्वपूर्ण सवाल यह है कि मौजूदा सूची में कितने नाम हटाए गए, कितने नए मतदाता जुड़े और कितने नामों में संशोधन हुआ। 

जिला प्रशासन की ओर से जारी अंतिम सूची के कुल आंकड़े इन सवालों का पूरा जवाब नहीं देते। एसआईआर के दौरान वास्तव में हटाए गए नामों की संख्या जानने के लिए पुनरीक्षण से पहले की सूची और अंतिम सूची का आधिकारिक तुलनात्मक ब्योरा जरूरी है।

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