Headlines

भारत के अपडेटेड मैप से नेपाल नाराज? कालापानी और लिपुलेख को लेकर काठमांडू ने जताई आपत्ति

काठमांडू
 भारत के एक नए राजनीतिक मानचित्र पर नेपाल के सर्वेक्षण विभाग ने आपत्ति जताई है। इस मानचित्र में कालापानी और लिपुलेख को पहले की तरह उनकी पुरानी जगह पर रखा गया है। नेपाली अधिकारियों ने इसे "यथास्थिति" बताया है। दरअसल, पिछले गुरुवार को भारत सरकार ने आधिकारिक नक्शे पर लद्दाख की 28 रणनीतिक जगहों को औपचारिक रूप से चिह्नित करते हुए अपडेटेड मानचित्र जारी किया था। इनमें वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गोगरा और हॉट स्प्रिंग जैसे प्रमुख सीमा गतिरोध वाले स्थान भी शामिल हैं।

नेपाल ने भारतीय मानचित्र की जांच की
नेपाल सर्वेक्षण विभाग के महानिदेशक प्रकाश जोशी ने कहा, "हमारे तकनीशियनों और अधिकारियों ने नए भारतीय राजनीतिक मानचित्र की जांच कर ली है।" हालांकि, उन्होंने अधिक जानकारी देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि इस जांच को लेकर पहले सरकार के उच्च अधिकारियों के साथ चर्चा की जानी है, उसके बाद ही कुछ सार्वजनिक किया जाएगा। जोशी ने बताया, “मैं सबसे पहले विदेश सचिव और मंत्रालय में अपने वरिष्ठ अधिकारियों सहित उच्च अधिकारियों को जानकारी दूंगा। मैं फिलहाल मीडिया के साथ निष्कर्ष साझा नहीं कर सकता।”

भारत से आपत्ति जता सकता है नेपाल
काठमांडू में एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि अगर नेपाल को भारत के नए राजनीतिक मानचित्र पर कोई आपत्ति है, तो राजनयिक चैनलों के माध्यम से नई दिल्ली से संवाद करना विदेश मंत्रालय का काम है। नेपाल लंबे समय से दावा करता रहा है कि कालापानी, लिपुलेख और लिम्फुयाधारा उसके भूभाग का अभिन्न अंग हैं। नेपाल के सर्वेक्षण विभाग ने नेपाल के ऐसे नक्शे भी प्रस्तुत किए हैं जिनमें विवादित तीनों भूभागों को नेपाल का हिस्सा दिखाया गया है।

भारत और नेपाल में कालापानी-लिपुलेख पर विवाद
नेपाल के सर्वेक्षण विभाग के पूर्व महानिदेशक गणेश भट्टा ने कहा, "सर्वेक्षण विभाग ने नेपाल का एक नक्शा तैयार किया है जिसमें कालापानी को नेपाल के हिस्से के रूप में शामिल किया गया है और विभाग ने सभी सरकारी और निजी कार्यालयों से विभाग द्वारा जारी किए गए नेपाल के आधिकारिक नक्शे का उपयोग करने का आग्रह किया है।" भट्टा ने कहा कि चूंकि नेपाल ने हमेशा कालापानी को अपने क्षेत्र में और भारत को अपने क्षेत्र में शामिल किया है, इसलिए यह भूमि विवाद का विषय बनी हुई है।

 

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *