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NEET Re-Exam 2026: 21 जून को फिर होगी परीक्षा, धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों को दिया भरोसा

भोपाल 

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शुक्रवार रात भोपाल पहुंचे। भोपाल एयरपोर्ट पर दैनिक भास्कर ने प्रधान से पूछा कि नीट पेपरलीक मामले में लगातार आपके इस्तीफे की मांग हो रही है। इस पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा- नीट की परीक्षा दोबारा 21 जून को होगी। 

21 जून को बहुत व्यवस्थित तरीके से नीट की परीक्षा की जाएगी। मैं आपके माध्यम से अपील करता हूं सभी समाज का सहयोग चाहिए। एनटीए ने परीक्षार्थियों को 15 मिनट का और एक्स्ट्रा टाइम देने का तय किया है।

प्रधान बोले- टीएमसी कोई पार्टी नहीं पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद तृणमूल कांग्रेस में लगातार हो रही टूट पर धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा- वो तो उनका अंदरुनी मामला है वो कह पाएंगे क्या हो रहा है वहां तो बंगाल की जनता ने बीजेपी को बहुत बड़ा आशीर्वाद दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भरोसा जताया।

हमारे नए मुख्यमंत्री सुवेन्दु अधिकारी बहुत अच्छा काम कर रहे हैं लोगों का दिल जीत रहे हैं बंगाल की भूमि को एक बार फिर नई ऊंचाई तक ले जाने का काम कर रहे हैं। तृणमूल तो कोई पार्टी नहीं दो परिवार की एक व्यवस्था थी उनके बारे में वो जानें।

नीट यूजी का एग्जाम का टाइम 15 मिनट बढ़ा
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने NEET UG रीएग्‍जाम में कुछ बदलाव किए हैं। नए नोटिस के तहत, परीक्षा का समय अब 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट कर दिया गया है। इसके अलावा आंसर शीट में रफ वर्क के लिए भी जगह बढ़ाई गई है। NEET UG 2026 इस साल पेपर लीक के चलते रद्द कर दिया गया था। रीएग्‍जाम अब 21 जून को आयोजित किया जाना है जिसे लेकर नए बदलाव किए गए हैं।

NEET-UG परीक्षा 3 मई 2026 को हुई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को NTA ने इसे रद्द कर दिया। मामले की जांच CBI कर रही है और अब 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा होगी।

लॉकडाउन में रहेंगे पेपर सेटर्स
एग्जाम होने तक पेपर सेटर्स को कड़े प्रतिबंध का पालन करना होगा। उन्‍हें 21 जून तक लॉकडाउन में रखा जाएगा ताकि पेपर लीक होने की आशंका न रहे। एग्जाम आयोजन के लिए देश भर के 551 शहर और विदेशों में 14 शहरों को चुना गया है।

पेपर ले जाने के लिए एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल
अधिकारियों के अनुसार एग्जाम से संबंधित सभी काम जैसे प्रश्नों की सेटिंग, ट्रांसलेशन, प्रिंटिंग, पैकेजिंग, स्टोरेज से लेकर ट्रांसपोर्टेशन और डिस्ट्रिब्यूशन की कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सरकार द्वारा क्वेश्चन पेपर से संबंधित सभी सामान ले जाने के लिए इंडियन एयरफोर्स एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल किया जाएगा।

डिजिटल क्षेत्र में अधिकारी 24 घंटे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग पर नजर जमाए हुए हैं ताकि फेक क्वेश्चन पेपर, गलत सूचनाओं और संदिग्ध गतिविधियों को एग्जाम से दूर रखा जा सके।

एक्सपर्ट को खुद पता नहीं होगा कि किस एग्जाम के पेपर बना रहे हैं
NTA ऐसा नया सिस्टम बनाने पर काम कर रही है, जिसमें सवाल तैयार करने वाले एक्पर्ट्स को भी पता नहीं होगा कि वह किस एग्जाम के क्वेश्चन पेपर बना रहे हैं।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की नई योजना के तहत अलग-अलग सब्जेक्ट के एक्सपर्ट्स सिर्फ प्रश्न तैयार करेंगे। इन प्रश्नों को एक बड़े डिजिटल बैंक में रखा जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, इसमें करीब 10 हजार प्रश्न हो सकते हैं। बाद में टेक्निक की मदद से इन प्रश्नों से फाइनल एग्जाम पेपर तैयार होगा।

NEET से 1 लाख से ज्यादा मेडिकल कॉलेज में एडमिशन
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में एडमिशन के लिए होने वाली राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी।

इस परीक्षा के माध्यम से देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष (BAMS, BHMS) और नर्सिंग जैसे कोर्सेज में एडमिशन मिलता है, जिसमें AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं।

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