रांची
नौसेना प्रमुख एडमिरल डीके त्रिपाठी (DK Tripathi) ने अपने झारखंड दौरे के दौरान राजधानी रांची में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि पॉज (विराम) मोड में है. इस युद्ध में भारतीय सेना ने पराक्रम का परिचय दिया. हम युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार थे. जरूरत पड़ने पर अपनी ताकत दिखाने में भी सक्षम थे, लेकिन प्रतिद्वंदी ने लड़ने का मौका ही नहीं दिया. एडमिरल त्रिपाठी शुक्रवार को सीसीएल सभागार में आयोजित विकसित भारत-2047 संवाद कार्यक्रम में स्कूली विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे.
सुरक्षा और विकास साथ-साथ चलते हैं
डीके त्रिपाठी (DK Tripathi) ने कहा कि भारत बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है. बिना सुरक्षा के कोई भी देश आगे नहीं बढ़ सकता. इसमें वर्दी और बिना वर्दी वाले, दोनों की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण होती है. सुरक्षा और विकास साथ-साथ चलते हैं. अगले दो दशकों की यात्रा से ही विकसित भारत का सपना पूरा होगा. इसके कई लक्ष्य हैं. ये लक्ष्य बहुत कठिन हैं, लेकिन सरकार की मंशा स्पष्ट है. इसके लिए शत-प्रतिशत शिक्षा का लक्ष्य पूरा करना होगा. सभी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देनी होंगी. इनोवेशन (नवाचार) में ग्लोबल लीडर बनना होगा. दूसरों पर निर्भरता को कम करना होगा. विकसित भारत कमजोरी से रेसिलिएंस (लचीलापन) की ओर बढ़ने का मार्ग है. यह केवल नीति-निर्माताओं से संभव नहीं होगा. आम लोगों की भागीदारी जरूरी है. इसमें युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है.
भारत की ओर गलत नजर उठी, तो जवाब होगा सख्त
इससे पहले नौसेना प्रमुख ने रजप्पा में प्रसिद्ध मां छिन्नमस्तिके के दर्शन किए और वहां पूजा की. रजरप्पा में नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने कहा है कि भारत के खिलाफ किसी तरह की गलत सोच या मंशा बर्दाश्त नहीं की जायेगी. भारत की ओर गलत नजर उठी, तो सख्त जवाब दिया जायेगा. देश की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सक्षम है. किसी भी चुनौती का सामना मजबूती के साथ करने के लिए तैयार है. आवश्यक होने पर कठोर कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगी. एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि देश की सुरक्षा आज मजबूत हाथों में है. समुद्री सीमाओं की निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. भारत के खिलाफ किसी प्रकार की गतिविधि का तत्काल और प्रभावी जवाब दिया जायेगा.

