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MP जन विश्वास अभियान: 7 अगस्त से गांवों में प्रशासन की चौपाल, CS ने कहा- लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी

भोपाल
 मध्य प्रदेश सरकार ने जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए ‘जन विश्वास अभियान’ शुरू करने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में यह अभियान 7 अगस्त से पूरे प्रदेश में शुरू होगा और हर शुक्रवार चलाया जाएगा। अभियान के तहत मंत्री, विधायक, जनप्रतिनिधि, कलेक्टर और अन्य प्रशासनिक अधिकारी गांवों और शहरी वार्डों में जाकर लोगों से सीधे संवाद करेंगे, उनकी शिकायतें सुनेंगे और सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की समीक्षा करेंगे। 

कैबिनेट के फैसले के अनुसार, अब हर शुक्रवार मंत्रालय, संभाग और जिला स्तर पर नियमित बड़ी बैठकें नहीं होंगी. इसके बजाय मंत्री और अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में रहकर जनता से मिलेंगे और विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति का जायजा लेंगे। सरकार का कहना है कि अभियान के दौरान जहां संभव होगा, लोगों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा. जिन मामलों का तुरंत निपटारा नहीं हो सकेगा, उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। 

मुख्य सचिव पहली बार कलेक्टरों से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वार्ड और पंचायत स्तर पर इकाइयां बनाकर शिविर से एक सप्ताह पहले क्षेत्र की समस्याओं और लंबित आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित करें, ताकि अभियान के दौरान लोगों को त्वरित राहत मिल सके।

अभियान की तैयारियों के दिए निर्देश वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कलेक्टर, संभागायुक्त, जिला पंचायतों के सीईओ और अपर कलेक्टर स्तर के अधिकारी शामिल हुए। मुख्य सचिव ने कहा कि वार्ड और पंचायत स्तर पर इकाइयां बनाकर शिविर आयोजित किए जाएंगे। संबंधित क्षेत्रों में शिविर से पहले लंबित समस्याओं और नागरिकों के आवेदनों के निराकरण की कार्रवाई पूरी की जाए। उन्होंने अभियान को परिणाम आधारित बनाने पर जोर दिया।

हर शुक्रवार करेंगे योजनाओं की समीक्षा मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान प्रत्येक शुक्रवार को संभाग और जिला स्तर के अधिकारी क्षेत्र का भ्रमण कर शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करेंगे। इस दौरान सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई और लोक सेवा गारंटी योजना के लंबित प्रकरणों का निराकरण कराया जाएगा।

साथ ही विकासखंड और ग्राम स्तरीय कार्यालयों का निरीक्षण भी किया जाएगा। कलेक्टरों को विकासखंड या क्लस्टर स्तर पर भ्रमण का कैलेंडर तय करने और जनप्रतिनिधियों को इसकी जानकारी देने के निर्देश दिए गए।

आम जनता से होगा सीधा संवाद अभियान के तहत अधिकारियों का पहला कार्यक्रम आम जनता से संवाद होगा। संबंधित गांव या क्षेत्र के सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई के लंबित मामलों की जानकारी साझा की जाएगी तथा नए आवेदन भी लिए जाएंगे। कार्यक्रम यथासंभव सरकारी भवनों के परिसर में आयोजित किए जाएंगे। संभागायुक्त भी प्रत्येक शुक्रवार को संभागीय अधिकारियों के साथ क्षेत्र का भ्रमण करेंगे और योजनाओं की मॉनिटरिंग करेंगे।

स्कूल, अस्पताल और राशन दुकानों का होगा निरीक्षण भ्रमण के दौरान स्कूल, अस्पताल, आंगनवाड़ी केंद्र, उचित मूल्य की दुकान समेत अन्य सरकारी संस्थानों का निरीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाएगा। अधिकारियों को हितग्राही मूलक योजनाओं के क्रियान्वयन और स्थानीय समस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।

पोर्टल से होगी मॉनिटरिंग मुख्य सचिव ने बताया कि अभियान की मॉनिटरिंग पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। लंबित आवेदनों के निराकरण के आधार पर जिलों का मूल्यांकन होगा। जिन मामलों में बजट या राज्य स्तर पर निर्णय की जरूरत होगी, उन पर संभागायुक्त विभागीय प्रमुखों से समन्वय करेंगे। अभियान के दौरान जनसंवाद के साथ उद्योग संवाद भी आयोजित होगा, जिसमें एमएसएमई और अन्य उद्यमियों की समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा।

इन मामलों का भी होगा निराकरण अभियान के दौरान अविवादित नामांतरण, बंटवारा, खसरे में सुधार, फार्मर आईडी, आधार, प्रधानमंत्री आवास योजना के आवेदन समेत अन्य लंबित मामलों का निराकरण किया जाएगा। शिविर की तिथि तय होने के बाद संबंधित क्षेत्र के लंबित प्रकरणों का पहले से समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा खाद-बीज के गोदाम, गैस गोदाम और पेट्रोल पंपों का निरीक्षण भी अभियान का हिस्सा होगा।

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि ‘जन विश्वास अभियान’ सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. इससे सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद बढ़ेगा और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी. उन्होंने बताया कि मंत्री अपने प्रभार वाले जिलों से इस अभियान की शुरुआत करेंगे। 

सरकार ने यह भी कहा है कि अभियान के दौरान यदि कहीं भ्रष्टाचार, अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. अभियान का मूल मंत्र संवाद, समाधान, संवेदनशीलता और सादगी रखा गया है। 

सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य प्रशासन को जनता के और करीब लाना, शिकायतों के समाधान में तेजी लाना और शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाना है। 

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