Headlines

वेरका दूध पाउडर की खेप रद, मिल्कफेड ने जीएम और दो अन्य अधिकारियों को निलंबित किया

लुधियाना

भारतीय सेना को भेजे वेरका ब्रांड के दूध पाउडर की गुणवत्ता खराब मिलने पर पंजाब मिल्कफेड ने कड़ी कार्रवाई की है। मिल्कफेड के लुधियाना वेरका प्लांट के जनरल मैनेजर (जीएम) दलजीत सिंह, मैनेजर क्वालिटी कंट्रोल गुरइकबाल सिंह और मैनेजर प्रोडक्शन परितोष मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

मिल्कफेड के एमडी राहुल गुप्ता ने कहा कि यह गंभीर चूक है, जिससे संगठन की साख को नुकसान पहुंचा है। बता दें कि वेरका की लुधियाना यूनिट द्वारा सप्लाई किया गया करीब 125 टन दूध पाउडर का ऑर्डर सेना ने रद किया था।

इसे दो बैच (एक 58.338 टन का और दूसरा 66.654 टन) में सप्लाई किया गया था। गुणवत्ता खराब मिलने के बाद सेना ने दूध पाउडर को वापस कर दिया था। मिल्कफेड के एम डी बताया कि मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

सेना को दो अलग-अलग लॉट (58.338 MT और 66.654 MT) में दूध पाउडर की आपूर्ति की गई थी. जांच के बाद सेना के कमांडिंग अधिकारी ने लुधियाना जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ को पत्र भेजकर खेप को अस्वीकार करने की सूचना दी. इसकी प्रति रक्षा मंत्रालय के मुख्य खरीद निदेशक को भी भेजी गई है। 

मिल्कफेड के प्रबंध निदेशक (MD) राहुल गुप्ता ने बचाव करते हुए कहा कि वेरका उत्पादों की क्वालिटी सबसे बड़ी प्राथमिकता है. उन्होंने बताया कि प्रोडक्ट्स को सेना के पास भेजने से पहले NABL-अप्रूव्ड लैब में जांचा गया था। 

अब इन नमूनों को दोबारा जांच के लिए गुजरात स्थित NDDB की प्रतिष्ठित लैब 'CALF' भेजा जाएगा. यह पता लगाने के लिए एक 'फैक्ट फाइंडिंग कमेटी' बनाई गई है कि सेना ने इसे आखिर किस आधार पर रिजेक्ट किया। 

विपक्ष का तीखा हमला
इस बीच, विपक्षी दलों के नेताओं ने दूध पाउडर की खेप को अस्वीकार किए जाने के मुद्दे पर AAP सरकार पर जमकर निशाना साधा. शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने इस मुद्दे पर भगवंत मान सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सशस्त्र बलों की ओर से इतनी बड़ी मात्रा में खेप को अस्वीकार किया जाना, किसी राज्य-संचालित संस्था में क्वालिटी कंट्रोल की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है। 

उन्होंने एक बयान में दावा किया, "यह न सिर्फ करोड़ों रुपये का नुकसान है, बल्कि पंजाब की साख और विश्वसनीयता को भी एक गहरा आघात है। 

मजीठिया ने आरोप लगाया, "इस घटनाक्रम ने सरकार की नाकामी को उजागर कर दिया है, खासकर तब जब वही दूध के उत्पाद पंजाब में उपभोक्ताओं को बेचे जा रहे हैं. जरा सोचिए, जो चीज हमारे सैनिकों के लिए अस्वीकार कर दी गई, वही पंजाब के लोग इस्तेमाल कर रहे हैं. यह पूरी तरह से जवाबदेही की कमी और जन-स्वास्थ्य के प्रति घोर लापरवाही को दर्शाता है। 

कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी इसे मान सरकार के लिए बड़ी शर्मिंदगी बताया. रंधावा ने X पर एक पोस्ट में पूछा, ''यह कोई छोटी-मोटी चूक नहीं है; यह क्वालिटी कंट्रोल और जवाबदेही की पूरी तरह से विफलता को दर्शाता है. जब हमारे सशस्त्र बलों के लिए आपूर्ति की बात आती है, तो इसमें जरा भी समझौता नहीं किया जा सकता. पंजाब सरकार को जवाब देना होगा कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है और क्या कार्रवाई की जाएगी?"

 

 

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *